Sony में मर्जर होने जा रहा है ZEE टीवी, ZEE ने सैद्धांतिक मंजूरी दी

नई दिल्‍ली। अगली बार आप ZEE टीवी पर अपने पसंदीदा चैनल को देखने के लिए टीवी खोलेंगे तो आपको इनका पता बदला हुआ नजर आएगा। इसकी वजह यह है कि ZEE का Sony में मर्जर होने जा रहा है। संकट से जूझ रही जी एंटरनेटमेंट एंटरप्राइजेज लिमिडेट (ZEEL) का सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI) में मर्जर होगा। जी के बोर्ड ने इस विलय को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। विलय के बाद बनने वाली कंपनी का एंटरटेनमेंट नेटवर्क देश में सबसे बड़ा होगा।
मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी के पास देश का सबसे बड़ा एंटरटेनमेंट नेटवर्क होगा। यह स्टार (Star) और डिज्नी इंडिया (Disney India) से भी बड़ा होगा। इसके पास 75 टीवी चैनल, दो वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विसेज (ZEE5 और Sony LIV), दो फिल्म स्टूडियो (Zee Studios और Sony Pictures Films India) और एक डिजिटल कंटेंट स्टूडियो (Studio NXT) होगा। विलय के बाद बनने वाली कंपनी का रेवेन्यू 16,000 करोड़ रुपये से अधिक होगा और इसके कर्मचारियों की संख्या भी 4,000 से अधिक होगी।
पुनीत गोयनका को मिलेगी राहत
इससे जी के सीईओ और एमडी पुनीत गोयनका को काफी राहत मिलेगी। वह नई कंपनी के सीईओ और एमडी बने रहेंगे। कंपनी के टॉप इनवेस्टर Invesco उन्हें हटाने की मांग पर अड़ा हुआ है। अभी तक ऐसे कम ही मामले देखने को मिले हैं जहां प्रमोटर्स ने कंपनी में अहम हिस्सेदारी और निवेशकों का भरोसा खोने के बावजूद अपना नियंत्रण बनाए रखा है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स के एमडी एवं सीईओ एनपी सिंह का क्या होगा।
सौदे के मुताबिक सोनी पिक्चर्स विलय के बाद बनने वाली कंपनी में 1.575 अरब डॉलर का निवेश करेगी। निवेश की गई पूंजी का इस्तेमाल ग्रोथ के लिए किया जाएगा। नई एंटिटी में जी एंटरटेनमेंट के शेयरधारकों की 47.07 फीसदी और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स की 52.93 फीसदी हिस्सेदारी रहेगी। बोर्ड में ज्यादा सदस्य सोनी ग्रुप के होंगे। विलय की जानकारी कंपनी ने बुधवार 22 सितंबर की सुबह नियामकीय फाइलिंग में दी।
गोयनका को हटाने की मांग
पिछले हफ्ते कंपनी के टॉप इनवेस्टर Invesco ने पुनीत गोयनका सहित 3 डायरेक्टर्स को बोर्ड से हटाने की मांग की थी। अमेरिका की इंडिपेंडेंट इनवेस्टमेंट कंपनी इनवेस्को के मालिकाना हक वाले Invesco Developing Markets Fund और OFI Global China Fund ने कंपनी के डायरेक्टर्स को हटाने और 6 नए इंडिपेंडेट बोर्ड मेंबर्स को शामिल करने के लिए एक्सट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाने की मांग थी। इनवेस्को की जी में 17.88 फीसदी हिस्सेदारी है। जुलाई 2019 में इनवेस्को ने कंपनी में 11 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए जी के प्रमोटर्स के साथ एक डील की थी।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *