मलेशिया में भी भारत के खिलाफ जहर उगल रहा है जाकिर नाइक

नई दिल्‍ली। मुस्लिम उपदेशक जाकिर नाइक मलेशिया में बैठकर भी जहर उगलने से बाज नहीं आ रहा है।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में भारत में वांछित जाकिर का एक वीडियो ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है जिसमें वह गैर-मुस्लिमों को मुस्लिम देशों के दबदबे की धमकी देता सुना जा रहा है।
वह कह रहा है कि कोई गैर-मुस्लिम अगर सोशल मीडिया पर इस्लाम के विरोध में कुछ लिखता है तो उसे मुस्लिम देश में आने पर गिरफ्तार कर लिया जाए।
कुवैत के वकील को जाकिर की सलाह
जाकिर कहता है, ‘मैंने सुना है कि कुवैत के एक वकील ने लोगों से कहा कि अगर खाड़ी देश में कोई गैर-मुस्लिम अगर इस्लाम की बुराई करता है तो उसकी सूचना उस तक पहुंचाई जाए, उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।’ वह बताता है कि यह वकील जिनेवा में मानवाधिकार के मुद्दे भी उठाता है। जाकिर उस वकील की तारीफ करते हुए एक सुझाव देता है कि उसे भारत में भी उन गैर-मुस्लिमों का एक डेटाबेस तैयार करना चाहिए जो इस्लाम पर उंगली उठाते हैं।
‘खाड़ी देश आने वाले गैर-मुस्लिम भारतीयों को करो अरेस्ट’
वीडियो में जाकिर कहता है, ‘उस वकील के बारे में सुना, बहुत अच्छा है। लेकिन मुझे लगता है कि खाड़ी देशों में सोशल मीडिया पर इस्लाम के खिलाफ लिखने वाले बहुत कम ही गैर-मुस्लिम होंगे इसलिए मैं उस वकील को सुझाव देता हूं कि सिर्फ मुस्लिम देशों में ही क्यों, भारत में भी जो गैर-मुसलमान इस्लाम पर उंगली उठाता है तो उसका डेटाबेस तैयार किया जाना चाहिए।’
जाकिर आगे कहता है भारत में इस्लाम पर उंगली उठाने वाले मुख्य रूप से बीजेपी से जुड़े लोग हैं और उनमें से ज्यादातर लोग पैसे वाले हैं।
इस्लाम पर टिप्पणी करने वालों का तैयार करो डेटाबेस: जाकिर
जाकिर कहता है, ‘मैं बताता हूं कि ज्यादातर भारतीय नेताओं का पैसा यूएई, खाड़ी देशों में रखते हैं। और, उनमें से विदेश दौरे पर जाने वाले आधा से ज्यादा लोग मुस्लिम देशों या खाड़ी देशों का दौरा करते हैं।’ जाकिर आगे कहता है, ‘मैं कुवैत के वकील को सलाह देता हूं कि भारत में उन सभी गैर-मुस्लिमों का डेटाबेस तैयार करके कंप्यूटर में स्टोर कर लें। अगली बार जब भी वो किसी भी गल्फ कंट्री आएं, उन पर केस कीजिए और उन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दो।’
उसका कहना है कि अगर ऐसा 5 से 10 लोगों के साथ हुआ तो ज्यादातर लोग इस्लाम पर उंगली उठाना छोड़ देंगे। अगर ज्यादातर लोग नहीं भी बाज आए तो कम-से-कम 25% लोग तो डर ही जाएंगे और वो इस्लाम पर टिप्पणी नहीं करेंगे।
-एजेंसियां

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