16 साल की वामपंथी सत्ता खत्म की Zaire Bolsonaro ने

रियो डि जेनेरियो। इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में ब्राजील के राष्ट्रपति Zaire Bolsonaro (63) मुख्य अतिथि हैं। बोल्सोनारो 1 जनवरी 2019 को राष्ट्रपति पद पर काबिज हुए थे। Zaire Bolsonaro ने 16 साल की लेफ्ट की सत्ता (लुइज इनासियो द सिल्वा और दिल्मा रूसेफ का दौर) को खत्म किया। बोल्सोनारो विकासशील देशों की जरूरतें पूरी करने के पक्षधर रहे हैं। पिछले साल ही उन्होंने भारत-चीन के पर्यटकों और व्यापारियों को वीजामुक्त करने की बात कही थी।

आर्मी में कैप्टन थे
3 दशक तक कांग्रेस के सदस्य रहे बोल्सोनारो आर्मी के पूर्व कैप्टन हैं। बतौर राष्ट्रपति उनकी यह पहली भारत यात्रा है। इससे पहले 1996 में फर्नांडो हेनरिक कार्डोसो और 2004 में लुइज इनासियो लूला द सिल्वा गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि रहे थे। हालांकि, भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी करार दिए गए लूला 12 साल की जेल की सजा काट रहे हैं।

तेल का बड़ा आयातक है ब्राजील
भारत और ब्राजील दोनों दुनिया की उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं हैं। दोनों देशों को बीते सालों में मंदी का सामना करना पड़ा। दोनों ही ब्रिक्स, आईबीएसए, जी-20 और जी-4 के सदस्य हैं। ब्राजील, भारत के लिए तेल का बड़ा आयातक रहा है। 2018-19 में भारत ने ब्राजील से 1.6 बिलियन डॉलर (करीब 11 हजार करोड़ रु) का कच्चा तेल आयात किया। 2016-17 में 1.33 अरब डॉलर (करीब 9 हजार करोड़ रु) का कच्चा तेल आयात किया गया। 2014-15 में यह आयात 2.51 अरब डॉलर (करीब 17 हजार करोड़ रु) का था, जो 2015-16 में घटकर 1.24 अरब डॉलर (करीब 8.8 हजार करोड़ रु) रह गया।

दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते की बात करें तो 2018-19 में दोनों के बीच 8.2 अरब डॉलर (करीब 58 हजार करोड़ रु) का व्यापार हुआ। इसमें भारत ने 3.8 अरब डॉलर का निर्यात और 4.4 अरब डॉलर का आयात किया।

ब्राजील को भारत का निर्यात

एग्रो केमिकल्स, सिंथेटिक यार्न, ऑटो पार्ट्स, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोलियम उत्पाद।
ब्राजील से क्या मंगाते हैं- कच्चा तेल, सोना, वनस्पति तेल, शक्कर, खनिज-अयस्क।

किसका-कितना निवेश
भारत का ब्राजील में- 6 अरब डॉलर (करीब 42.7 हजार करोड़ रु)
ब्राजील का भारत में- 1 अरब डॉलर (करीब 7 हजार करोड़ रु)

भारत को ब्राजील से उम्मीदें
2016 में ब्राजील के तत्कालीन राष्ट्रपति मिशेल टेमर 8वें ब्रिक्स समिट में गोवा आए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवंबर 2019 में 11वें ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने ब्राजील गए। रणनीतिक रूप से भारत, ब्राजील का साथ चाहता है। ब्राजील चीन के वन बेल्ट-वन रोड में शामिल नहीं हुआ है।

दुनिया में इस वक्त दक्षिणपंथियों का दबदबा
लैटिन अमेरिका, यूरोप के कई देशों, भारत, इजराइल में दक्षिणपंथियों का दबदबा है। दक्षिण अमेरिका में अर्जेंटीना, चिली, पेरू, पैरागवे और कोलंबिया में राइट विंग की सरकार है। इटली में उपप्रधानमंत्री मातेओ साल्वीनी और हंगरी के विक्टर ओरबन भी दक्षिणपंथी हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी से हैं।

– एजेंसी

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