जफरयाब जिलानी कोर्ट के निर्णय से नाखुश: बोले, हम हाईकोर्ट जाएंगे

लखनऊ। 28 साल बाद अयोध्या के विवादित बाबरी ढांचा विध्वंस मामले में बुधवार को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले पर बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी नाखुशी जताई है। उन्होंने कहा है कि वह इस फैसले से संतुष्ट नहीं है। वह हाईकोर्ट जाएंगे।
जफरयाब जिलानी ने बातचीत में कहा कि यह फैसला बिल्कुल न्याय के खिलाफ है। सबूतों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। यह कानून के खिलाफ है। इसके खिलाफ हम हाईकोर्ट जाएंगे। जिसको यह लोग सबूत नहीं मान रहे वह पूरी तरह से सबूत है। सभी के बयान हैं। इसके लिए दो लोगों के बयान काफी होते हैं। यहां तो दर्जनों बयान हैं।
‘हमारे पास ऑप्शन है’
जफरयाब जिलानी ने कहा कि हमारे पास ऑप्शन है। राम मंदिर का फैसला हम देख चुके हैं और बाबरी केस का फैसला भी देख लिया। दोनों से हम संतुष्ट नहीं हैं। अभी तक हम फैसले का इंतजार कर रहे थे। जफरयाब जिलानी कहते हैं कि जो भी पक्ष संतुष्ट नहीं है, वह हाईकोर्ट का रुख करेगा।
आडवाणी, जोशी समेत सभी आरोपी बरी
अयोध्या में छह दिसंबर 1992 को ढहाए गए विवादित ढांचे के मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया। इस मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है।
28 साल बाद आया फैसला
अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस मामले की सुनवाई 28 वर्ष तक चली। सुनवाई के बाद ढांचा विध्वंस के आपराधिक मामले में फैसला सुनाने के लिए सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एस. के. यादव ने सभी आरोपियों को कोर्ट में तलब किया था।
-एजेंसियां

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