गोरखपुर से इस चुनाव में जीत के बाद कई रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं योगी आदित्‍यनाथ

सीएम योगी को गोरखपुर से विधानसभा चुनाव लड़वाने की पार्टी की रणनीति अब पूरी तरह साफ हो गई है। पार्टी ने सीएम योगी को गोरखपुर शहरी सीट से मैदान में उतारने का फैसला किया है। ऐसे में सीएम योगी यदि इस सीट से चुनाव जीत जाते हैं, बीजेपी को बहुमत मिलता और योगी फिर से सीएम चुने जाते हैं तो वह कई रिकॉर्ड तोड़ देंगे।
कार्यकाल पूरा करने वाले तीसरे सीएम बन चुके हैं योगी
योगी आदित्यनाथ पहले ही एक रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा चुके हैं। 20 मई 1952 को भारत के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य की पहली विधानसभा के गठन के बाद से अब तक यूपी ने लगभग 70 वर्षों में 21 सीएम देखे हैं। हालांकि, केवल तीन मुख्यमंत्रियों ने ही पांच साल का पूरा कार्यकाल पूरा किया है।
इनमें पहली थीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती (2007-2012) थीं। इसके बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (2012-2017) और अब योगी आदित्यनाथ (2017-22)।
1. 15 साल में पहले विधायक सीएम होंगे योगी
चुनाव जीतने के बाद यदि आदित्यनाथ को फिर से पद मिलता है तो वह 15 साल में पहले विधायक सीएम होंगे। उनसे पहले मायावती 2007 और 2012 के बीच सीएम के रूप में एमएलसी थीं। अखिलेश यादव 2012 और 2017 के बीच सीएम रहने पर एमएलसी थे। जब योगी को सीएम के रूप में चुना गया था, तब तक वह गोरखपुर से पांच बार लोकसभा सांसद थे। 403 विधानसभा सीटों में से 312 पर जीत के साथ शानदार जीत के साथ सत्ता में आई बीजेपी केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाले अपना दल और ओपी राजभर के नेतृत्व वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के अपने दो सहयोगियों के साथ, एनडीए ने 325 सीटें जीती थी।
2. 37 वर्षों में सत्ता बरकरार रखने वाले पहले सीएम होंगे
कांग्रेस के नारायण दत्त तिवारी 1985 में अविभाजित यूपी के सीएम थे जब राज्य में चुनाव हुआ था। कांग्रेस की जीत हुई और तिवारी ने भी लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए इस पद को बरकरार रखा। तब से कोई अन्य सीएम लगातार दूसरी बार सीएम की कुर्सी को बरकरार रखने में सफल नहीं हुआ है। योगी आदित्यनाथ के पास यह रिकॉर्ड बनाने का मौका है। एनडी तिवारी से पहले तीन अन्य सीएम लगातार दूसरी बार सत्ता में लौटे थे। वे 1957 में संपूर्णानंद, 1962 में चंद्रभानु गुप्ता और 1974 में राज्य मंत्री रीता बहुगुणा जोशी के पिता हेमवती नंदन बहुगुणा थे। योगी आदित्यनाथ लगातार कार्यकाल जीतने वाले यूपी के इतिहास में पांचवें सीएम बन सकते हैं।
3. सत्ता में वापसी करने वाले पहले बीजेपी सीएम
यूपी ने अब तक चार सीएम देखे हैं। योगी आदित्यनाथ से पहले कल्याण सिंह, राम प्रकाश गुप्ता और मौजूदा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस कुर्सी पर काबिज थे। आदित्यनाथ से पहले का कोई भी बीजेपी सीएम लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता बरकरार नहीं रख सका। योगी आदित्यनाथ के पास एक नया रिकॉर्ड बनाने का मौका है।
4. ‘नोएडा विडंबना’ को तोड़ने वाले पहले मुख्यमंत्री
यूपी में ‘नोएडा विडंबना’ काफी लोकप्रिय है। इस विडंबना के मुताबिक जो भी सीएम अपने कार्यकाल के दौरान शहर का दौरा करता है, वह अगला चुनाव हार जाता है या अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाता है। नोएडा की विडंबना तब लोकप्रिय हुई, जब यूपी के तत्कालीन सीएम वीर बहादुर सिंह को जून 1988 में नोएडा से लौटने के कुछ दिनों बाद पद छोड़ना पड़ा। सिंह के उत्तराधिकारी एनडी तिवारी भी नोएडा का दौरा करने के बाद सीएम की कुर्सी गंवा बैठे थे। इसके बाद के सीएम और अन्य नेताओं ने नोएडा को दरकिनार करना शुरू कर दिया।
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री के रूप में मायावती ने अक्टूबर 2011 में दलित स्मारक स्थल का उद्घाटन करने के लिए नोएडा के लिए उड़ान भरी थी। मायावती 2012 का विधानसभा चुनाव वह हार गईं। अखिलेश के पिता मुलायम सिंह यादव, कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह जब यूपी के सीएम थे तो नोएडा का दौरा करना छोड़ दिया। ये बात अलग है कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और योगी दोनों इस अंधविश्वास को दरकिनार कर चुके हैं। दोनों ने 25 दिसंबर 2018 को दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन का उद्घाटन करने के लिए नोएडा का दौरा किया था। मोदी 2019 का लोकसभा चुनाव जीत कर इस भ्रम को तोड़ चुके हैं। अब इसे गलत साबित करने की बारी आदित्यनाथ की है।
-एजेंसियां

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