गंगा दशहरा के ल‍िए यमुना में गंगाजल के लिए लिखा पत्र

मथुरा। गंगा दशहरा के स्नान-पर्व पर मुक्ति की कामना लेकर आने वाले यमुना-स्नान हेतु श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए यमुना प्रदूषण पर हाईकोर्ट के याच‍िकाकर्ता गोपेश्‍वरनाथ चतुर्वेदी ने यमुना कार्य योजना, मथुरा-वृन्दावन के नोडल अध‍िकारी को पत्र ल‍िखकर व्‍यापक व्‍यवस्‍थाएं करने की मांग की है।

चतुर्वेदी ने अपने पत्र में कहा क‍ि आगामी रविवार 20 जून 2021 को यमुना-स्नान हेतु मथुरा व वृन्दावन में आयेंगे और वर्तमान में यमुना-जल गंदा व कीड़ेयुक्त होने के कारण यह अतिआवश्‍यक है कि पर्व से एक सप्ताह पूर्व कोट स्केप व हरनौल स्केप से 1000 क्यूसेक अतिरिक्त शुद्ध गंगाजल छोड़े जाने की व्यवस्था की जाये ताकि श्रृद्धालुजन स्वच्छ जल में स्नान कर सकें।

प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा प्रदूषणकारी औद्यौगिक इकाईयों के प्रति बरती जा रही उपेक्षा के फलस्वरूप अधिकांश ढोल, वाइब्रेटर जैसी औद्यौगिक इकाईयों का संचालन बिना अनुमत‍ि क‍िया जा रहा है, जिनका विषैला रासायनिक उत्प्रवाह बिना शोधन के ही नाले-नालियों के माध्यम से सीधा यमुनाजी में पहुंच रहा है, अतः पर्व से पूर्व आकस्मिक निरीक्षण व कार्यवाही कराई जाये।

यमुना कार्य योजना (Yamuna Action Plan) के अन्तर्गत स्थापित सीवेज पम्पिंग स्टेशंस का संचालन ठीक से न होने के कारण तथा श्रीकृष्‍ण-जन्मभूमि के निकट मनोहरपुरा स्थित नगर पालिका द्वारा संचालित पशुवधशाला के अपश‍िष्‍टों को नाल‍ियों द्वारा यमुना में जाने से रोकने हेतु कड़ी कार्यवाही की जाये।

यमुनाजी के प्रमुख तीर्थ विश्राम घाट के समस्त क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों की मरम्मत व टूटे मेनहोल कवर्स को बदलवाने, यमुना किनारे सघन सफाई अभियान व हाई मास्क लाईट्स रखरखाव क‍िये जाने की ओर ध्‍यान द‍िया जाये।

 

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