Wrist band बता देगा शुरूआत होते ही कोराना के लक्षण, IIT मद्रास ने बनाया

IIT मद्रास ने कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाने के लिए हाथ में पहनने वाला एक ऐसा Wrist band बनाया है जो एकदम शरुआती स्तर पर ही किसी इंसान को संक्रमण के बारे में बता सकता है। यह बैंड अगले महीने तक बाजार में आ सकता है।
3500 रुपये का होगा बैंड, अगले महीने आएगा बाजार में
IIT मद्रास में स्टार्ट अप ‘म्यूज वियरेबल्स’ की शुरूआत पूर्व छात्रों के एक समूह ने एनआईटी वारंगल के पूर्व छात्रों के साथ मिल कर की है। इन ट्रैकर्स को 70 देशों में लांच करने की योजना है। इस ट्रैकर की कीमत 3500 रुपये है और यह 70 देशों में अगस्त तक आ जाएगा।
टैंपरेचर, हार्ट बीट, ब्लड में ऑक्सीजन की मात्रा मापने को लगे हैं सेंसर
हाथ के ट्रैकर में शरीर के तापमान को मापने, हृदय गति और एसपीओ2 (ब्लड में ऑक्सीजन की मात्रा) को मापने के लिए सेंसर लगे है, जो लगातार इन पर नजर रख कर संक्रमण के शुरुआती स्तर में ही पता लगाने में मदद कर सकता है।
ऐसे करेगा काम
यह ट्रैकर ब्लूटूथ से चलेगा और इसे म्यूज हेल्थ ऐप के जरिए मोबाइल फोन से जोड़ा जा सकता है। उपयोगकर्ता के शरीर से जुड़ी और अन्य गतिविधियों की जानकारी फोन व दूर स्थित सर्वर में इकट्ठा हो जाएगी। उपयोगकर्ता यदि किसी रेड जोन में जाता है तो आरोग्य सेतु ऐप के जरिए उसे संदेश मिल जाएगा।
इस साल 10 लाख ऐसे ट्रैकर बेचने का लक्ष्य
IIT मद्रास के पूर्व छात्र केएलएन साई प्रशांत ने बताया, ‘हमारा इस वर्ष दो लाख उत्पाद की ब्रिकी का लक्ष्य है और 2020 तक पूरी दुनिया में 10 लाख ट्रैकर बेचने की योजना है। निवेशकों को हमारे इनोवेशन पर भरोसा है और उन्हें लगता है कि हम उपभोक्ता तकनीक जगत में भारी बदलाव ला सकते हैं। हम 22 करोड़ रुपए इकट्टा करने में सफल हो गए हैं।’
समय से लक्षणों की पहचान से बचेगी जान
एनआईटी वारंगल से ग्रेजुएट के. प्रत्यूषा ने कहा, ‘हमारा मुख्य उद्देश्य ऐसे मरीजों की पहचान में मदद करना है जिन्हें कोविड निमोनिया पहले हो सकता है ताकि उनका और प्रभावी तरीके से इलाज किया जा सके।’
-एजेंसियां

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