थायरॉइड हार्मोन के लिए आयोडीन जरूरी, अगर कम है तो करें चिंता

थायरॉइड हार्मोन के निर्माण के लिए आयोडीन जरूरी है। खाने में आयोडीन कम हो जाए तो हम कई बीमारियों की चपेट में आसानी से आ जाते हैं। कल बुधवार 21-10-20 को आयोडीन अल्पता विकार निवारण दिवस है। आयोडीन की कमी से हाइपोथायराइडिज्म होने की आशंका बढ़ जाती है। इससे महिलाओं को गर्भधारण में समस्या आने लगती है।बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में आयोडीन का अहम रोल है। साथ ही आयोडीन शरीर में थायराइड हार्मोंस के निर्माण और संतुलन भी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए गर्भवतियां थायराइड की जांच जरूर करवाएं, ताकि बच्चे में किसी प्रकार की कमी न हो पाए। इसमें कमी होने और समय पर इलाज न मिलने पर बच्चा शारीरिक और मानसिक रूप से अपंग हो सकता है।वर्तमान में विश्व की जनसंख्या का लगभग एक तिहाई भाग आयोडीन अल्पता विकार के जोखिम का सामना कर रहा हैं। 130 देशों में 740 मिलियन से अधिक लोग इस स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहे हैं।

आयोडीन की कमी से चेहरे पर सूजन, गले में सूजन (गले के अगले हिस्से में थाइराइड ग्रंथि में सूजन) थाइराइड की कमी (जब थाइराइड हार्मोन का बनना सामान्य से कम हो जाए) और मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में बाधा वज़न बढ़ना, रक्त में कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ना और ठंड बर्दाश्त न होना जैसे आदि रोग होते हैं।

गर्भवती महिलाओं में आयोडीन की कमी से गर्भपात, नवज़ात शिशुओं का वज़न कम होना,शिशु का मृत पैदा होना और जन्म लेने के बाद शिशु की मृत्यु होना आदि होते हैं। एक शिशु में आयोडीन की कमी से उसमें बौद्धिक और शारीरिक विकास समस्यायें जैसे मस्तिष्क का धीमा चलना, शरीर का कम विकसित होना, बौनापन, देर से यौवन आना, सुनने और बोलने की समस्यायें तथा समझ में कमी आदि होती हैं।

आज अनेक कार्यक्रम में आयोडीन युक्त नमक उपलब्ध कराने, आयोडीन न्यूनता विकृति सर्वेक्षण/पुनर्सर्वेक्षण, आयोडीन वाले नमक पर प्रयोगशालाओं में नजर रखने, स्वास्थ्य शिक्षा और प्रचार पर ध्यान दिया जाता है।

देश में आयोडीनयुक्त नमक का वार्षिक उत्पामन 48 लाख मीट्रिक टन है। सरकार ने खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 के अंतर्गत गैर-आयोडीन वाले नमक की पूरे देश में बिक्री 17 मई 2006 से प्रतिबंधित करने का फैसला किया l राज्यस्तर पर कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय सभी राज्यों /केंद्रशासित प्रदेशों, आईडीडी नियंत्रण प्रकोष्ठ और आईडीडी निगरानी प्रयोगशाला के अतिरिक्त सर्वे और स्वास्थ्य शिक्षा और लोगों द्वारा आयोडीन युक्त नमक के उपयोग हेतु प्रचार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

– राजीव गुप्ता जनस्नेही की कलम से
लोकस्वर आगरा

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