Brain Tumour के ल‍िए लाभप्रद रहेंगे 3 योगासन

आज World Brain Tumour Day 2020 के अवसर पर जाने क‍ि Brain Tumour खतरनाक क‍ितनी खतरनाक बीमारी है परंतु इसका योग में अच्छा इलाज भी है।दरअसल यह सिर्फ मस्तिष्क को ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर को प्रभावित करती है क्योंकि मस्तिष्क ही पूरे शरीर को संचालित करता है। ब्रेन ट्यूमर की समस्या होने पर मस्तिष्क में कोशिकाओं का जमाव हो जाता है। कोशिकाओं के अनियंत्रित रूप से बढ़ने और जमने के कारण ट्यूमर जानलेवा हो जाता है। इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 8 जून को ‘विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस’ मनाया जाता है। इस खास मौके पर आज हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताएंगे, जिसके अभ्यास से ब्रेन ट्यूमर के खतरे को कम किया जा सकता है।

वज्रासन
यह आसन हृदयगति को नियंत्रित रखता है और स्ट्रेस हार्मोन ‘कॉर्टिसोल’ को घटाकर तनाव कम करता है। इसके अभ्यास से जांघों और पिंडलियों की नसें-मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है, पीठ और पैर दर्द में आराम मिलता है। इसे करने के लिए फर्श पर दोनों पैर सामने की ओर फैलाकर सीधे बैठें। दोनों हाथों को कुल्हे के पास ले जाकर फर्श पर टिकाएं। इस दौरान शरीर का पूरा भार हाथों पर न आए। अब पहले दायां, फिर बायां पैर मोड़कर कूल्हे के नीचे रखें। सुनिश्चित करें कि दोनों जांघें और पैर के अंगुठे आपस में सटे हो।

भ्रमण प्राणायाम
भ्रमण प्राणायाम मुख्य रूप से सांस लेने-छोड़ने से संबंधित होता है। इसे ब्रीदिंग तकनीक भी कह सकते हैं। इसे करना बहुत सरल है। इसे करने के लिए जब आप टहलते हैं, तब उस समय करें। टहलने के दौरान शरीर को सीधा रखते हुए सांस धीरे-धीरे लें। जब अच्छी तरह से गहरी सांस ले लें, तो उसके बाद सांस छोड़ दें। ध्यान रहे कि सांस लेने से ज्यादा समय आपको सांस छोड़ते समय लगाना है। सांस को 5 से 7 कदमों के बीच तक अंदर ही रोके कर रखें और फिर धीरे-धीरे सांस को छोड़ें। इस प्रक्रिया को कम से कम 10 बार जरूर दोहराएं। यह प्राणायाम नकारात्मक भावनाएं जैसे क्रोध, झुंझलाहट, निराशा और चिंता से मुक्त करता है। एकाग्रता, स्मृति और आत्म विश्वास को बढ़ाता है।

ताड़ासन
ताड़ासन हमारे शरीर की मांसपेशियों को लचीला बनाता है। इस आसन के दौरान गहरी सांस लेने के कारण फेफड़ा फैलता है और इसकी सफाई हो जाती है। ताड़ासन करने से एक्रागता बनी रहती है। यही नहीं, इस आसन को करने से श्वास सतुंलित रहती है। आसान को करने के लिए सबसे पहले आप खड़े हो जाएं। ध्यान रहे कि इस आसान को करते समय कमर और गर्दन झुकनी नहीं चाहिए। अब अपने दोनों हाथों को ऊपर करें और धीरे-धीरे सांस लेते हुए शरीर को खीचें। इस आसान को आप 2-4 मिनट तक करें और फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।

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