राजीव एकेडमी में ट्रांसफॉर्म टू परफॉर्मेंस पर हुई कार्यशाला

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट में शुक्रवार को ट्रांसफॉर्म टू परफॉर्मेंस पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें कार्पोरेट जगत की जानी-मानी हस्ती और मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. राजीव पुरी ने  एमबीए और एमसीए के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुये कहा कि सकारात्मक दृष्टिकोण और स्वयं का आत्मविश्वास ही सफलता का मूलमंत्र है लिहाजा हमेशा सकारात्मक सोच के साथ ही अपने लक्ष्य तय करें।

डॉ. पुरी ने कहा कि विद्यार्थी को कौन सी पढ़ाई स्वर्णिम पायदान पर पहुंचा सकती है, इस पहचान के योग्य वह कैसे बने तथा किस प्रकार से वह एक सफल उद्यमी बन सकता है, इसकी जानकारी वही दे सकता है जिसने सकारात्मक सोच के साथ हर बाधा को पार करते हुए सफलता हासिल की हो। डॉ. पुरी ने कहा कि मैनेजमेंट की पढ़ाई उत्तीर्ण कर जब कोई विद्यार्थी मार्केट में आता है, तब वह निश्चित नहीं कर पाता कि उसे किस स्ट्रीम में वर्क करना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जब तक अपना आत्मविश्वास प्राप्त नहीं कर लेता तब तक ठीक से कार्य नहीं कर सकता। मोटिवेशनल स्पीकर ने कहा कि हम जो करना चाहते हैं या कर रह हैं उसके प्रति हमारा सकारात्मक दृष्टिकोण होना चाहिए। उपभोक्ता की आवश्यकताएं क्या हैं, उसी के अनुसार नए प्रोडक्टों को बाजार में लांच करना या निर्माण करना जरूरी होता है।

डॉ. पुरी ने कहा कि आज के समय में सेल्स को सबसे आसान माना गया है। किसी भी बिजनेसमैन या सेल्समैन को तीन मंत्र कनेक्ट, कन्वे और कन्वेंस को जरूर याद रखना चाहिए। उन्होंने विभिन्न परिस्थितियों में कंज्यूमर बिहेवियर को परिभाषित करते हुए विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी प्रोडक्ट को लांच करने से पहले मार्केट रिसर्च महत्वपूर्ण घटक है। उपभोक्ता की जरूरत एवं प्रोडक्ट में मांगी जाने वाली विशेषताएं अहम होती हैं। प्रोडक्ट की विशेषताओं को समझकर ही विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर तैयार किये जा रहे हैं।

इसी क्रम में उन्होंने डिजाइन थिंकिंग की दिशा में किये जाने वाले कार्य को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बार प्रोडक्ट की डिजाइन बनने के बाद भी उसमें चेंज किया जा सकता है। जिसके लिए नेक्स्ट न्यू वैटर के सिद्धान्त को उन्होंने विद्यार्थियों को विस्तार से समझाया। रिसोर्स परसन ने कहा कि शिक्षा ही सफलता की कुंजी होती है। व्यक्ति के जीवन में शिक्षा (ज्ञान) या सीखना बहुत जरूरी है। प्रत्येक विद्यार्थी के मन की ये बात कि मुझे क्या अच्छा लगता है, मुझे क्या आता है और बाजार क्या चाहता है,  इनका सम्मिलन बहुत अहम होता है। इसी पर उसके जीवन का सारा स्ट्रक्चर टिका हुआ होता है।

आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि उद्यमी बनने के लिए स्वयं का अच्छी तरह मूल्यांकन करना अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी जितनी जल्दी मार्केट और ग्राहक की स्थिति का सटीक आकलन कर लेगा वह उतनी ही जल्दी सफल उद्यमी बन सकता है। निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने कहा कि सफल उद्यमी बनने के लिए परफेक्ट बिजनेस प्लान पहली सीढ़ी है।

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