राजीव एकेडमी में न्यू कम्प्यूटर टेक्नोलॉजी पर हुई कार्यशाला

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के BCA विभाग द्वारा न्यू कम्प्यूटर टेक्नोलॉजी पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में क्रोमा कैम्पस प्राइवेट लिमिटेड के सॉफ्टवेयर इंजीनियर निशिथ शर्मा ने छात्र-छात्राओं को बताया कि एक सफल सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए आपकी सोच में गहराई होना जरूरी है क्योंकि इस क्षेत्र में हर रोज एक नई चुनौती का सामना करना होता है।

श्री शर्मा ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हमें सफल सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने से पहले अपने टास्क की प्रकृति को पहचानना होगा तथा स्वयं की गुणवत्ता बढ़ानी होगी। उन्होंने मशीन लर्निंग पर बनाए गए प्रोजेक्ट के माध्यम से छात्रों को बताया कि एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर में कौन-कौन सी खूबियां होनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को जुपीटर, पांडा, फ्लास्क, एस.के. लर्न आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। श्री शर्मा ने छात्र-छात्राओं को वे सभी टिप्स दिए जो उच्च अध्ययन की उपाधि के साथ ही जीवन में तरक्की के लिए भी आवश्यक होते हैं। कार्यशाला में छात्र-छात्राओं ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आने वाले विभिन्न बदलाव के बारे में भी प्रश्न पूछे।

आर.के. एज्यूकेशन हब के अध्यक्ष डा. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि आज डिजिटल युग है। मौजूदा दौर में लगातार टेक्नोलॉजी का विस्तार हो रहा है, ऐसे में छात्र-छात्राओं को बदलती टेक्निक को समझना होगा। डा. अग्रवाल ने कहा कि इस क्षेत्र में अपार सम्भावनाओं को देखते हुए युवा अपना करियर बना सकते हैं। संस्थान के चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने कहा कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए आपको कम्प्यूटर से सम्बन्धित जानकारी के साथ-साथ कोडिंग तथा कम्प्यूटर भाषाओ का ज्ञान होना आवश्यक है क्योंकि कम्प्यूटर लैंग्वेज के माध्यम से ही सॉफ्टवेयर डेवलप किये जाते हैं। कार्यशाला के समापन के बाद संस्थान के निदेशक डा. अमर कुमार सक्सेना ने अतिथि वक्ता का आभार माना।

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