जीएल बजाज में एम्बेडिड सिस्टम एण्ड रोबोटिक्स पर कार्यशाला

Workshop on Embedded Systems and Robotics in GL Bajaj
जीएल बजाज में एम्बेडिड सिस्टम एण्ड रोबोटिक्स पर कार्यशाला

मथुरा। जनपद के प्रख्यात इंजीनियरिंग, प्रबन्धन एवं आर्किटैक्चर संस्थान जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस के बी.टैक इलेक्ट्रानिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के चतुर्थ वर्ष के छात्रों को एपट्रान इण्डिया ने एम्बेडिड सिस्टम एण्ड रोबोटिक्स विषय पर सभी सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक पहलुओं से परिचित कराया। इस अवसर पर इंजीनियरिंग छात्रों को इंसान और रोबोट्स के बीच की दूरी मिटाने के तौर-तरीकों से भी अवगत कराया गया।

ज्ञात रहे कि एम्बेडिड सिस्टम एण्ड रोबोटिक्स वर्तमान समय का सबसे ज्वलंत विषय है जिस पर दुनिया भर में रिसर्च चल रहे हैं। इस तकनीकी कार्यशाला के दौरान एपट्रान से आये विषय विशेषज्ञों ने जी.एल. बजाज में छात्रों को रोबोट्स के समकालिक आधुनिक रूप, तकनीकी पहलुओं, क्रियात्मक पहलुओं के साथ ही रोबोट्स की संरचना में भिन्नताओं के वैज्ञानिक पहलुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी। इस वर्कशाप में रोबोटिक्स की मैकेनिज्म के ऊपर विस्तृत जानकारी देने के उद्देश्य से विषय विशेषज्ञों ने रोबोट्स निर्माण एवं उसके संचालन के क्रियात्मक ज्ञान से भी छात्रों को अवगत कराया। कार्यशाला के पहले सत्र में सर्वप्रथम एम्बेडिड सिस्टम और उसके मूलभूत सिद्धान्तों को प्रजेंटेशन द्वारा प्रस्तुत किया गया। द्वितीय सत्र में माइक्रो कंट्रोलर, उसके प्रकार और एप्लीकेशंस पर रोशनी डाली गयी। इसके साथ-साथ छात्रों को इलेक्ट्रानिक्स, कम्पोनेंट, ट्रांजिस्टर का प्रैक्टिकल सर्किट में प्रयोग, कैपिसिटर का फिल्टर सर्किट में प्रयोग, रजिस्टरों का प्रयोगात्मक प्रयोग, इंडीग्रेटर सर्किट, लाजिक गैट्स का निर्माण, एच. ब्रिज का निर्माण एवं फोटो सैंसर्स की विस्तृत जानकारी दी गई।

आर.के. एजूकेशन हब के चेयरमैन डा. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं से छात्रों के ज्ञान में वृद्धि होने के साथ ही उनमें कुछ नया करने की इच्छा जागृत होती है। जी.एल. बजाज के निदेशक डा. (प्रो.) एस. रे चौधरी ने इस कार्यशाला से छात्रों को मिलने वाले दूरगामी परिणामों को इंगित करते हुए कहा कि एम्बेडिड सिस्टम एवं रोबोटिक्स एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ क्रियात्मक शोध एवं परीक्षणों की अपार सम्भावनाएं मौजूद हैं। डा. रे ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि संस्थान के छात्रों ने इस कार्यशाला के दौरान रोबोट के निर्माण की प्रारम्भिक एवं आवश्यक जानकारी प्राप्त कर उसके उपरान्त जो क्रियात्मक परीक्षण किये हैं इससे उनकी शैक्षिक अभियोग्यता में निश्चित ही व्यापक वृद्धि होगी।

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