राजीव इंटरनेशनल स्कूल में करिअर काउंसलिंग पर कार्यशाला

मथुरा। मौजूदा समय में करिअर के कई विकल्‍प हैं। जरूरत है उनके अनुसार खुद को तैयार करने की। बदलते शैक्षिक दौर में पढ़ाई के साथ ही अगर अपनी रुचि अनुसार लक्ष्य तय करते हुए टेक्नि‍क का सहारा लिया जाए तो करिअर को नई दिशा दी जा सकती है। यह विचार राजीव इंटरनेशनल स्कूल में बुधवार को करिअर काउंसलिंग पर हुई कार्यशाला में जाने-माने करिअर काउंसलर व ट्रम्फ थ्रू ट्रेनिंग प्रा.लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर राजन अरोरा ने दसवीं और बारहवीं के छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।

श्री अरोरा ने कहा कि आज रोजगार की कमी नहीं है। कमी है तो स्वयं को उसके अनुसार तैयार नहीं करने की। अगर युवा अपनी रुचि को पहचान कर अपने लक्ष्य तय करें तथा आगे बढ़ें तो सफलता निश्चित तौर पर मिलेगी। उन्होंने छात्र-छात्राओं को करिअर चयन के तरीके बताते हुए नए-नए विकल्‍पों की जानकारी दी। श्री अरोरा ने कहा कि आज का समय सूचना प्रौद्योगिकी का है ऐसे में छात्र-छात्राओं को टेक्‍नोलॉजी के अध्‍ययन पर विशेष जोर देना चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को स्किल डेवलपमेंट पर जोर देने का भी आह्वान किया।

आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा के साथ ही छात्र-छात्राओं को उनके करिअर के प्रति सचेत किया जाना जरूरी है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि स्कूली शिक्षा पूरी होते ही सिर्फ छात्र ही नहीं अभिभावक भी अपने बच्चे के करिअर को लेकर पशोपेश में रहते हैं। छात्र-छात्राओं के मन में यही सवाल उठता है कि वह कौन-सा करिअर चुनें। उन्होंने अभिभावकों का आह्वान किया कि वह अपने बच्चे के करिअर का चयन करते वक्त उसकी रुचि पर अवश्य ध्यान दें। बेहतर होगा करिअर विकल्पों में बच्चे की योग्यता और रुचि अनुसार कोर्स के चयन में उसकी मदद करें।

संस्थान के प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल छात्र-छात्राओं को किताबी ज्ञान के साथ ही उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास को प्रतिबद्ध है। श्री अग्रवाल ने कहा कि करिअर को लेकर हर बच्चे के अलग-अलग लक्ष्य होते हैं। बेहतर होगा करिअर चुनाव के समय छात्र-छात्राएं अपनी क्षमता का मूल्यांकन करें। रुचि और क्षमता के आधार पर ही बच्चे किसी भी क्षेत्र में बेहतर परिणाम देने की स्थिति में होते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि करिअर विकल्पों के विषय में सोचने का सबसे सही समय हाईस्कूल में प्रवेश लेने के बाद होता है लिहाजा बच्चे हाईस्कूल की शिक्षा के दौरान ही उपलब्ध विभिन्न करिअर विकल्पों पर चिंतन एवं विश्लेषण करें।

संस्थान की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने करिअर काउंसलर राजन अरोरा का स्वागत करते हुए उनका आभार माना तथा छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि उन्होंने कार्यशाला में जो कुछ भी सीखा है, उस पर अमल करने की कोशिश भी करें।

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