क्‍यों इस गांव का नाम ही रख दिया गया ‘पीएम आवास विलेज’

रांची जिले के बेड़ो प्रखंड अंतर्गत जामटोली पंचायत के 70 परिवारों की आबादी वाले पंडरा गांव में तीन साल पहले एक भी पक्का मकान नहीं था लेकिन अब सरकार की ओर से पीएम आवास योजना के तहत मिली सहायता से सभी के पास अपना पक्का घर उपलब्ध हो गया है। साथ ही इस गांव का नाम बदल का भी पीएम आवास विलेज हो गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने इस गांव की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस गांव में जरूरी शर्तें पूरी करने वाले सभी शत प्रतिशत लोगों को पक्के आवास योजना का लाभ मिला है। शिलापट्ट पर अंकित लाभुकों की लंबी फेहरिस्त बता रही है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से अब कोई वंचित नहीं है।
पक्के मकान से गांव के लोग हुए खुश
मिट्टी से बने आशियाने में जीवन के लंबे सफर को पार कर चुके कृष्णा गोप, शिबू गोप और मंजू सिन्हा को जब प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला तब इनके खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पक्के मकान ने भारी बारिश से छत के टपकने और दीवार के धंसने की चिंता से इन्हें मुक्ति दिला दी है। कृष्णा बताते हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिली सहायता राशि में खुद की जमा पूंजी मिलाकर लोगों ने अच्छा मकान बना लिया है।
‘गांव में पूरी हो गई हैं 42 योजानएं, कई और स्कीम का ग्रामीणों को लाभ दिया जा रहा’
प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रवीण कुमार बताते हैं कि 70 परिवारों वाले इस गांव में 60 योग्य लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है और इसमें से 42 योजनाएं पूर्ण हो चुकी है। साथ ही अन्य योजनाओं पर भी काम प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को कई अन्य केंद्र प्रायोजित योजनाओं का भी लाभ दिया जा रहा है। सभी घरों में शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गयी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से मिले पक्का मकान का फायदा उठाते हुए कई युवाओं ने अपने घर के बाहर दुकान भी खोल ली है, जिससे युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है।
पंडरा गांव में हकीकत में बदल रहा न्यू इंडिया का सपना
महज चार पांच वर्षों में बदलाव की बयार ने पंडरा गांव की तस्वीर बदल दी है। ग्रामीणों के खुशहाल जीवन को देखकर निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि प्रधानमंत्री ने न्यू इंडिया का जो सपना देखा है वह सुदूर गांव तक हकीकत में तब्दील हो रहा है।
-एजेंसियां

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