CWC की बैठक में जब राहुल झल्‍लाकर बोले, अब बस कीजिए

नई दिल्‍ली। कांग्रेस कार्य समिति CWC की बैठक में शुक्रवार को खूब हंगामा हुआ। संगठन के चुनाव कराने को लेकर दो धड़ों में इतनी तीखी बहस हुई कि पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी भी झल्‍ला गए। जैसे ही कांग्रेस अध्‍यक्ष व CWC की खाली सीटों पर चुनाव के लिए सेंट्रल इलेक्‍शन अथॉरिटी की सिफारिश पढ़ी गई, कुछ वरिष्‍ठ नेताओं ने फौरन चुनाव की मांग कर दी।
इनमें गुलाम नबी आजाद, पी चिदंबरम, मुकुल वासनिक और आनंद शर्मा जैसे वरिष्‍ठ नेता शामिल रहे। ये उन 23 नेताओं के समूह (G-23) का हिस्‍सा हैं जिन्‍होंने संगठन में बड़े पैमाने पर फेरबदल की मांग रखते हुए अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी। इनकी डिमांड सुनते ही एके एंटनी, अम्बिका सोनी, अशोक गहलोत, हरीश रावत जैसे नेता बिफर गए। गहलोत के तेवर सबसे तीखे थे।
सूत्रों के अनुसार उनके और शर्मा के बीच जो कहासुनी हुई, उससे राहुल भी झल्‍ला उठे और बोले… अब बस कीजिए।
गहलोत ने ऐसा क्‍या कह दिया था?
सूत्रों के अनुसार गहलोत ने आजाद और चिदंबरम से पूछा कि पार्टी के बाहर उनकी क्या बिसात है? शर्मा और वासनिक ने काउंटर करने के लिए पार्टी के संविधान के कुछ हिस्‍से पढ़ने शुरू किए। गहलोत ने आनंद शर्मा को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि वे जून तक चुनाव टालने में रोड़ा बन रहे हैं। एक सूत्र के अनुसार गहलोत ने शर्मा से कहा, “जो लोग कभी चुने गए नहीं, इसके बावजूद यूपीए सरकार में सबसे फायदे में रहे, उन्‍हें आंतरिक चुनाव की मांग करने का क्‍या अधिकार है।’ उन्‍होंने कहा कि पार्टी के पास निपटने के लिए और भी बड़े मुद्दे हैं। गहलोत ने असहमति जताने वालों को यह भी याद दिलाया कि वे कांग्रेस में इतने ऊंचे पदों पर इसीलिए बैठे हैं क्‍योंकि गांधी परिवार ने उन पर भरोसा जताया।
शर्मा ने गहलोत की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्‍होंने कहा कि ‘मौखिक चाटुकार‍िता’ के लिए ‘अपमानजनक भाषा’ का प्रयोग न किया जाए। यह भी कहा कि जो लोग चुनाव की मांग कर रहे हैं, वे इंदिरा गांधी के समय से कांग्रेस में हैं। इतना सब सुनने के बाद राहुल गांधी को दखल देना पड़ा। राहुल ने कहा कि गहलोत को ‘कड़े शब्‍दों’ का प्रयोग नहीं करना चाहिए था। गांधी ने कहा, ‘चलिए संगठन के चुनाव करवा के खत्‍म करते हैं।’ इसके बाद CWC ने तय किया कि जून में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) का सत्र बुलाकर पार्टी चीफ/CWC सदस्‍यों का चुनाव किया जाएगा।
अध्‍यक्ष और CWC का चुनाव एक साथ होगा? अभी तय नहीं
बैठक के बाद प्रेस ब्रीफ‍िंग में संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि आमतौर पर पार्टी अध्‍यक्ष चुने जाने के बाद CWC के चुनाव होते हैं।
उन्‍होंने कहा कि “इसलिए हमें पार्टी के संविधान में देखना होगा कि अध्‍यक्ष और CWC के चुनाव एक साथ हो सकते हैं या नहीं। हम देखेंगे और जल्‍द ही कार्यक्रम की घोषणा करेंगे। एक बात तय है, सब-कुछ कांग्रेस संविधान के मद्देनजर ही होगा।”
उधर, सीडब्ल्यूसी की बैठक में वरिष्ठ नेताओं के बीच तीखी बहस की खबरों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘बैठक में कोई उत्तेजना नहीं थी और बहस भी नहीं हुई।’
उन्होंने कहा, ‘आनंद शर्मा जी, आजाद साहब और चिदंबरम जी, या कोई और हो, वो विरोधी स्वर में बोलने वाले नहीं है, बल्कि परिवार के सदस्य हैं। सबके आग्रह पर निर्णय लिया गया है कि चुनाव कार्यक्रम को थोड़ा आगे कर दिया जाए।’
-एजेंसियां

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