कांग्रेसी बसों के ड्राइवर्स से कागज मांगे तो वो भाग खड़े हुए

नोएडा। उत्तर प्रदेश की बस पॉलिटिक्स में अब नया मोड़ आया है। कांग्रेस की ओर से भेजी गई बसों को डीएनडी बॉर्डर पर ही रोक लिया गया। यहां मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन ने बसों का डीटेल नोट करना शुरू कर दिया। किसी भी बस वाले के पास अनुमति न होने पर उनके खिलाफ एफआईआर की बात कही गई है। एफआईआर की बात सुनकर एक-एक करके ड्राइवर वहां से बसें लेकर खिसकने लगे।
एडिशनल डेप्युटी कमिश्नर ऑफ पुलिस रणविजय सिंह ने कहा कि नोएडा बॉर्डर सील है। बाहर से आने वाले किसी भी वाहन को यहां आने की अनुमति नहीं है। बॉर्डर पर ही वाहनों को रोका जाता है। उसी क्रम में डीएनडी बॉर्डर पर बसों को रोका गया। एक-एक बस की चेकिंग की गई और उनके कागजात चेक किए गए।
‘एक भी बस के पास प्रवेश की अनुमति नहीं’
रणविजय सिंह ने कहा कि जिन वाहनों के पास अधिकृत अधिकारियों की ओर से जारी किया गया पास होता है सिर्फ उन्हें ही जिले में प्रवेश करने की अनुमति है। बिना अनुमति पास के यहां आने वालों के खिलाफ कार्यवाही हो रही है। बसों के ड्राइवरों से जब अनुमति के कागज मांगे गए तो पता चला कि एक भी बस के पास अनुमति नहीं थी।
‘पुलिस ने नोट किया हर बस का डीटेल’
एडीसीपी ने कहा कि हर एक बस की चेकिंग के बाद उनका रजिस्ट्रेशन नंबर नोट कर लिया गया है। अब पुलिस उनके खिलाफ एफआईआर की कार्यवाहीकरेगी। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक पार्टी के खिलाफ नहीं हो रहा है बल्कि बिना अनुमति के बॉर्डर क्रॉस करने वाले हर वाहनों के खिलाफ कार्यवाही कर रहे हैं।
डरकर भागे बस ड्राइवर
इधर पुलिस की ओर से रजिस्ट्रेशन नंबर और ड्राइवरों की डीटेल नोट करने के बारे में जब ड्राइवरों ने पता किया तो उन्हें पता चला कि पुलिस अब एफआईआर करने वाली है तो एक-एक करके बस ड्राइवर वहां से निकलने लगे। एक बस के ड्राइवर ने कहा कि उनकी बसों को वहां लाया गया है उनके खिलाफ एफआईआर क्यों की जा रही है। उनकी या बस मालिक की इसमें क्या गलती है।
-एजेंसी

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