सांसदों के निलंबन पर भड़कीं पश्‍चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी

कोलकाता। कृषि बिलों पर चर्चा के दौरान रविवार को राज्‍यसभा में जो कुछ भी हुआ, उसके बाद सभापति एम. वेंकैया नायडू ने आठ विपक्षी सांसदों को मौजूदा सत्र के बाकी समय के लिए निलंबित कर दिया। सस्‍पेंड किए सांसदों में कांग्रेस के तीन, तृणमूल कांग्रेस और सीपीआई (एम) के दो-दो और आम आदमी पार्टी का एक सदस्‍य शामिल हैं। सांसदों के निलंबन को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार पर जमकर बरसी हैं।
ममता बनर्जी ने कहा है कि सरकार ने लोकांत्रिक मानदंडों का सम्मान नहीं किया है। सरकार चाहे जो भी कर ले किन वे लोग सरकार के खिलाफ ऐसे ही संसद से लेकर सड़क तक आवाज उठाती रहेंगी।
‘सरकार की मानसिकता को दर्शाता है यह एक्शन’
सीएम ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘किसानों के हितों की रक्षा के लिए लड़ने वाले 8 सांसदों का निलंबन दुर्भाग्यपूर्ण और चिंतनशील है। यह लोकतांत्रिक सरकार की मानसिकता को दर्शाता है कि वह लोकतांत्रिक मानदंडों और सिद्धांतों का सम्मान नहीं करते हैं। हम रुकेंगे नहीं, हम ऐसे ही संसद से लेकर सड़कों तक इस फासीवादी सरकार के खिलाफ लड़ते रहेंगे।’
सांसदों से बोले नायडू, थोड़ा आत्‍मनिरीक्षण कीजिए
राज्‍यसभा चेयरमैन ने सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कहा कि ‘कल का दिन राज्‍यसभा के लिए बहुत बुरा दिन था जब कुछ सदस्‍य सदन के वेल तक आ गए। डिप्‍टी चेयरमैन के साथ धक्‍कामुक्‍की की गई। उन्‍हें अपना काम करने से रोका गया। यह बेहद दुर्भाग्‍यपूर्ण और निंदनीय है। मैं सांसदों को सुझाव देता हूं, कृपया थोड़ा आत्‍मनिरीक्षण कीजिए।’
रविवार को हुआ था जमकर हंगामा
राज्यसभा में रविवार को भारी हंगामा हुआ था। जब सरकार ने कृषि विधेयकों को पारित कराना चाहा, तो कई विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर नारेबाजी की। फिर चेयर के पास पहुंचकर दस्‍तावेज फाड़ दिए। उपसभापति हरिवंश इन सांसदों को कोरोना वायरस की याद दिलाते रहे मगर उन्‍होंने एक न सुनी। हंगामा इतना बढ़ गया कि मार्शल को हस्‍तक्षेप करना पड़ा। बाद में सदन की कार्यवाही को स्‍थगित करना पड़ गया।
-एजेंसियां

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