पश्चिम बंगाल: CAA और NRC के समर्थन में अब भाजपा की ‘अभिनंदन रैली’

कोलकाता। नागरिकता संशोधन कानून CAA और नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटीजन NRC को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के मार्च के बाद अब बीजेपी के दिग्‍गज नेता विशाल जनसैलाब के साथ कोलकाता की सड़कों पर उतर आए हैं।
बीजेपी के पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश व‍िजयवर्गीय और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के नेतृत्‍व में ये नेता CAA का समर्थन कर रहे हैं। भगवा पार्टी ने इसे ‘अभिनंदन रैली’ नाम दिया है।
बीजेपी ने अपनी इस विशाल रैली के जरिए राज्‍य में पार्टी की ताकत का अहसास कराया है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि सीएए के मुद्दे पर विपक्ष भ्रम फैला रहा है। कोलकाता की सड़कों पर भगवा झंडे लेकर निकले बीजेपी नेता और कार्यकर्ता नारे लगा रहे हैं और सीएए का समर्थन कर रहे हैं। माना जा रहा है कि ममता बनर्जी की राज्‍य के कई हिस्‍सों में रैली के बाद बीजेपी ने अब पलटवार किया है।
पूरा इलाका भगवा झंडों और पोस्‍टर से पटा
बीजेपी की अभिनंदन रैली को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरा इलाका भगवा झंडों और पोस्‍टर से पटा हुआ है। बता दें कि ममता बनर्जी ने नए नगारिकता कानून पर संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में जनमत संग्रह कराए जाने की मांग की थी। हालांकि अपने बयान पर चौतरफा निन्दा के बाद ममता बनर्जी ने शुक्रवार को यू टर्न ले लिया और कहा कि उनका मतलब निष्पक्ष विशेषज्ञों की निगरानी में एक ऑपिनियन पोल कराने से था।
ममता ने शहर के अल्पसंख्यक बहुल इलाके पार्क सर्कस में एक प्रदर्शन सभा में कहा, ‘यदि अटल जी (अटल बिहारी वाजपेयी) जीवित होते तो वह बीजेपी से राजधर्म का पालन करने को कहते लेकिन अब जो सत्ता (केंद्र) में हैं, वे इसका पालन नहीं करते।’ वर्ष 2002 में गोधरा कांड के बाद गुजरात में हुए दंगों में तत्कालीन प्रधानमंत्री वाजपेयी ने राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी को राजधर्म का पालन करने को कहा था।
प्रधानमंत्री के विचार नए कानून से मेल नहीं खाते: ममता
उन्होंने आश्चर्य जताया कि लोकसभा और राज्यसभा में नागरिकता (संशोधन) कानून पारित होने के दौरान संसद में मौजूद रहने के बावजूद मोदी ने मत विभाजन में हिस्सा क्यों नहीं लिया। ममता बनर्जी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री के विचार नए कानून से मेल नहीं खाते, इसलिए वह मत विभाजन में शामिल होने से दूर रहे।’ ममता ने यह भी कहा कि उन्हें बीजेपी से देशभक्ति और राष्ट्रवाद के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। राज्य अधिकारियों की चेतावनी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अपील के बावजूद प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में कथित संलिप्तता के मामले में अभी तक 600 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
-एजेंसियां

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