फार्मास्यूटिकल्स और डायग्नोस्टिक्स में माइक्रोबायोलॉजी का महत्व

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ मेडिकल एंड एलाइड साइंसेज द्वारा “फार्मास्युटिकल्स एंड डायग्नॉस्टिक्स में माइक्रोबायोलॉजी के महत्व” पर एक वेबिनार का आयोजन किया।

वेबिनार का संचालन एफवाई फार्मा प्राइवेट लिमिटेड, बद्दी (FY Pharma Pvt Ltd, Baddi), एचपी के महाप्रबंधक डॉ. गुरदयाल सिंह ने किया। वेबिनार में विशेषज्ञ वक्ताओं ने छात्र-छात्राओं को दवाओं, टीकों और एंजाइम्स के निर्माण में माइक्रो बायोलॉजी के प्रभाव और उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

महाप्रबंधक डॉ. गुरदयाल ने क्रमशः एंटीबायोटिक उत्पादन, एंटीबायोटिक सेंसिटिविटी परीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए उपयोग किए जाने वाले तरीकों के बारे में उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई। वेबिनार छात्र-छात्राओं के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध हुआ क्योंकि इसके माध्यम से पैरामेडिकल छात्रों ने दवाइयों, टीकों, एंजाइम उत्पादन की प्रक्रिया को विस्तार से जाना, जो कि माइक्रोबायोलॉजी और दवा उद्योगों में बायोमेडिकल अपशिष्ट उपचार की मदद से किया गया था।

वेबिनार में डीन, एसओईटी, डॉ. सुरेश कासवान, डीन, एसएमएएस, डॉ.पल्लवी श्रीवास्तव, एचओडी, फार्मेसी, सुश्री अनामिका सक्सेना, सभी संकाय सदस्यों और छात्रों के साथ 100 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित थे।

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