दिव्यांगता पुनर्वास में सामाजिक सुरक्षा और कानून पर वेबीनार

मथुरा। कल्याणं करोति एवं भारतीय पुनर्वास परिषद द्वारा संचालित दो दिवसीय “दिव्यांगता पुनर्वास में सामाजिक सुरक्षा और कानूनी पहलू” विषयक वेबीनार के दूसरे दिन कल्याणं करोति विशेष शिक्षक प्रशिक्षण के प्राचार्य श्री आर.पी. प्रजापति ने मुख्य वक्ताओं का परिचय कराया, साथ ही सामाजिक सुरक्षा एवं कानूनी पहलू व्यावसायिक पुनर्वास कर्मी व विशेष शिक्षकों के लिए कितना महत्व है उसके बारे में जानकारी साझा किया। लगभग 200 प्रतिभगियों ने जुड़ कर इस राष्ट्रीय वेबिनार का लाभ उठाया।

प्रो. श्याम सुन्दर मिश्रा, नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय, प्रयागराज, उ0प्र0 के द्वारा बताया गया कि व्यक्ति के जीवन के प्रत्येक पहलू में हमें समावेशन की आवश्यकता है और दिव्यांगजनों के लिए जो भी कार्यक्रम बनाया जायेे, उसमें भी समावेशन होना चाहिए और इनके साथ किसी भी प्रकार का भेद-भाव नहीं किया जाना चाहिए जिससे कि इन्हें समाज के मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

डा. संतोष यादव, के.एल. इंस्टीट्यूट फॉर द डेफ, भावनगर के द्वारा दिव्यांगजनों के विभिन्न पॉलिसियों के बारे अवगत कराया गया और साथ ही इनके द्वारा जानकारी दी गयी कि हम सभी विशेषज्ञों का कर्तव्य है कि दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार की पॉलिसियों के बारे में अवगत कराएं जिससे उसका प्रयोग कर के लाभान्वित हो सकें।

प्रो. रविशकर पाण्डेय, अमर ज्योति रिसर्च पुनर्वास सेंटर के द्वारा बताया गया कि किस प्रकार से दिव्यांगजनों सामाजिक सुरक्षा के तहत केंद्र एवं राज्य सरकार के द्वारा समय-समय पर अनेकों कार्यक्रमों के माध्यमों से समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया जा रहा है।

विभा शर्मा, विशेष शिक्षक, दिल्ली, के द्वारा यह जानकारी दी गयी की दिव्यांगजनों को उनके मानवाधिकार एवं मूलभूत स्वतन्त्रता को बढ़ावा मिलना चाहिए तथा उनके साथ निष्पक्ष एवं समान रूप से बर्ताव किया जाना चाहिए। साथ ही संस्थान के विभिन्न संकायों के सहायक प्रवक्तागण राशिद जमाल, अभिराम कुशवाहा, कमलेश यादव, परवेन्द्र कुमार सिंह, पूजा मौर्या, बी. के शुक्ला एवं सुनील पौरूष आदि जुड़े रहे।

– Legend News

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