PDP का वाहीद पारा कोर्ट ने 15 दिनों की हिरासत में NIA को सौंपा

जम्‍मू। राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA कोर्ट ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी PDP के नेता और यूथ विंग के प्रधान वाहीद-उर-रहमान पारा को हिज्बुल मुजाहिदीन आतंकवादी समूह के साथ अपने कथित संबंधों के लिए 15 दिनों की हिरासत में भेज दिया। आज शुक्रवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने वाहीद पारा को जम्मू में NIA अदालत में पेश किया। जांच एजेंसी द्वारा कोर्ट को सौंपे गए तथ्यों के आधार पर अदालत ने पारा को 15 दिन के लिए NIA की कस्टडी में भेज दिया।
इससे पहले एजेंसी के नई दिल्ली मुख्यालय में दो दिनों तक सोमवार और मंगलवार को पारा से पूछताछ भी की थी परंतु जब उनसे कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो जांच को आगे बढ़ाने के लिए एजेंसी ने उन्हें बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। गत वीरवार को उन्हें दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें जम्मू NIA कोर्ट में पेश करने के लिए ट्रांजिस्ट रिमांड दिया गया। आज दोपहर को पारा को जम्मू की NIA कोर्ट में पेश किया गया।
दक्षिण कश्मीर के जिला पुलवामा से हाल ही में जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनावों के लिए पारा ने अपना नामांकन दाखिल किया था। NIA ने पारा को गत बुधवार को इरफ़ान शफी मीर के साथ कथित रूप से घनिष्ठ संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार किया। आपको बता दें कि इरफान को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी नवीद बाबू और जम्मू-कश्मीर के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह के साथ गिरफ्तार किया था।
निलंबित डीएसपी पर भी हिजबुल मुजाहिदीन के साथ संबंध रखने का आरोप है। अभी तक NIA द्वारा की गई जांच में यह साबित भी हो गया है कि डीएसपी का सीधा संबंध पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों के आकाओं से भी थे। इसी मामले की जांच कर रही NIA की टीम जब मीर के फोन रिकार्ड खंगाल रही थी तो उन्हें पता चला कि वह पारा के साथ घनिष्ठ संपर्क में था।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मीर ने भी पूछताछ के दौरान बताया कि पारा ने 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान पीडीपी पार्टी की उम्मीदवार महबूबा मुफ्ती के लिए उनसे समर्थन मांगा था। अधिकारियों ने कहा कि पारा को गिरफ्तार करने से पहले उनसे सोमवार और मंगलवार को पूछताछ भी की गई थी। NIA को शक है कि पारा का हिजबुल आतंकी संगठन के साथ संबंध है।
-एजेंसियां

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