कांग्रेस में ‘नये नेतृत्व और बड़े बदलाव’ को लेकर पार्टी के भीतर से उठी आवाज़

नई दिल्‍ली। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक से पहले पार्टी में ‘नये नेतृत्व और बड़े स्तर पर बदलाव’ को लेकर पार्टी के भीतर से आवाज़ उठी है.
कांग्रेस पार्टी में बड़े बदलाव को लेकर पार्टी के 23 वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी की मुखिया सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी के भीतर शीर्ष से लेकर नीचे तक बड़े बदलाव की बात कही है.
साल 2014 में लोकसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस पार्टी का पतन लगातार जारी है और इसके बाद से पार्टी अपनी वापसी नहीं कर पाई है.
जानकारी के अनुसार जिन 23 वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा है उनमें पाँच पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के कई सदस्य, मौजूदा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शामिल हैं.
पार्टी के शीर्ष नेताओं ने अपने पत्र में भाजपा के उदय की बात स्वीकार की है और इस बात को माना है कि देश के युवाओं ने निर्णायक रूप से नरेंद्र मोदी को अपना वोट दिया है.
पत्र में इस बात का भी ज़िक्र किया गया है कि लोगों का भरोसा पार्टी में घटा है और युवाओं का भी पार्टी के प्रति भरोसा कम हुआ है जो गंभीर चिंता का विषय है.
इस जानकारी के मुताबिक़ यह पत्र सोनिया गांधी को कुछ दिन पहले लिखा गया था जिसमें पार्टी के भीतर बड़े स्तर पर सुधार करने की वक़ालत की गई है.
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस के लिए पूर्ण-कालिक और प्रभावी नेतृत्व की माँग की है जो ना सिर्फ़ लोगों को दिखाई दे, बल्कि ज़मीनी स्तर पर सक्रिय हो और पार्टी को नया रूप देने में प्रभावी साबित हो.
जानकारी के अनुसार इस पत्र पर राज्य सभा में विपक्ष के नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद, पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी, शशि थरूर और विवेक तनखा के हस्ताक्षर हैं.
इनके अलावा ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य, सीडब्ल्यूसी के सदस्य मुकुल वासनिक, जितिन प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह हुडा, राजेंद्र कौर भट्टल, एम वीरप्पा मोईली, पृथ्वीराज चव्हाण, पीजे कूरियन, अजय सिंह, रेणुका चौधरी, मिलिंद देवड़ा, पूर्व पीसीसी चीफ़ राज बब्बर, अरविंदर सिंह लवली, कौल सिंह ठाकुर, बिहार में चुनाव प्रचार प्रमुख अखिलेश प्रसाद सिंह, हरियाणा के पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, दिल्ली के पूर्व स्पीकर योगानंद शास्त्री, पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने भी इस पत्र पर हस्ताक्षर किये हैं.
माना जा रहा है कि कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में सोनिया गांधी के कार्यकाल का एक साल पूरा होने के बाद से पार्टी में पूर्णकालिक अध्यक्ष की माँग तेज़ हो गई है.
पार्टी ने कुछ दिन पहले स्पष्ट किया था कि सोनिया गांधी तब तक कांग्रेस पार्टी की कमान संभालेंगी, जब तक पार्टी को नया अध्यक्ष नहीं मिल जाता.
‘नेहरू-गांधी परिवार कांग्रेस के लिए अहम’
नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की सेहत के लिए पार्टी का मजबूत रहना जरूरी है. चिट्ठी में कहा गया कि कांग्रेस ऐसे समय में कमजोर पड़ी है जब देश ‘सबसे बुरे राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक संकट’ से गुजर रहा है. नेताओं ने कहा कि लोकसभा चुनाव में हार के सालभर बाद भी पार्टी ने ‘आत्‍मनिरीक्षण’ नहीं किया है. नए नेतृत्‍व की मांग करते हुए 23 वरिष्‍ठ कांग्रेसियों ने कहा है कि ‘नेहरू-गांधी परिवार हमेशा पार्टी का अहम हिस्‍सा रहेगा.’
कांग्रेस नेताओं की डिमांड
– नेतृत्‍व में स्‍थायी और प्रभावी बदलाव हो।
– CWC के चुनाव कराए जाएं।
– पार्टी की खोई ताकत हासिल करने के लिए मैकेनिज्‍म बने।
– संगठन के हर स्‍तर पर चुनाव हो।
– संसदीय पार्टी बोर्ड का गठन हो।
– राज्‍य इकाइयों को शक्तियां दी जाएं।
-एजेंसियां

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