अजित डोभाल के बेटे ने किया Jairam Ramesh व कारवां मैग्जीन पर मानहानि का दावा

अजित डोभाल के बेटे हैं Vivek Doval, कांग्रेस नेता Jairam Ramesh कारवां मैग्जीन के मुख्य संपादक हैं 

नई दिल्‍ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के बेटे विवेक डोभाल ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में कांग्रेस नेता और कारवां मैग्जीन के मुख्य संपादक Jairam Ramesh और रिपोर्टर कौशल श्रॉफ के खिलाफ कथित तौर पर मानहानिकारक लेख प्रकाशित करने के लिए आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले पर अदालत कल सुनवाई करेगी।

Jairam Ramesh ने लेख में लगाया था आरोप 

Jairam Ramesh ने लेख में आरोप लगाया था कि एनएसए के बेटे विवेक डोभाल ने केमन आइसलैंड टेक्स हेवन कंट्री (कर मुक्त प्रदेश) में जो फंड लिया है, उसमें बड़ा घालमेल नजर आ रहा है। आठ नवंबर 2016 को देश में नोटबंदी होती है और उसके 13 दिन बाद विवेक डोभाल केमन आइसलैंड में जीएनवाई एशिया नाम से एक फंड लेते हैं।

साल 2000 से लेकर 2017 तक केमन आइसलैंड से देश में आठ हजार तीन सौ करोड़ रुपये की एफडीआई आई है, जबकि अप्रैल 2017 से मार्च 2018 तक आठ हजार तीन सौ करोड़ रुपया आ जाता है। जयराम रमेश ने आरबीआई से इस मामले की जांच कराने की मांग की है। जयराम ने कहा था, जीएनवाई एशिया की इस एफडीआई में डोभाल की क्या भूमिका रही है, वे बताएं। यह मामला सीधे तौर पर भ्रष्टाचार से जुड़ा है।

कांग्रेस का कहना था कि खुद अजीत डोभाल ने 2011 में यह मांग की थी कि टेक्स हेवन देशों में जमा राशि की मॉनीटरिंग होनी चाहिए। उन्होंने इसके लिए फाइनेंशियल इंटेलीजेंस एजेंसी की मदद लेने की भी बात कही थी। आज वे सत्ता में हैं, लेकिन अपनी इस मांग को पूरा नहीं कर रहे हैं। डोभाल को यह बताना होगा कि 12 माह में इतनी ज्यादा एफडीआई कैसे आ गई, जो 17 साल में कभी नहीं आ सकी। ये सब बातें आरबीआई की रिपोर्ट में दर्ज हैं।

रमेश ने कहाथा कि जीएनवाई एशिया के दो निदेशक हैं। एक विवेक डोभाल और दूसरे डॉन डब्लू ई-बैंकस। ये नाम पनामा पेपर और पैराडाइज में भी देखे गए हैं। डोभाल के दोनों बेटों विवेक और शौर्य डोभाल के पास ही ज्यूस स्ट्रेटजिक मेनेजमेंट एडवाइजर का फंड भी है। डोभाल बताएं कि जीएनवाई और ज्सूस का क्या रिश्ता है।
-एजेंसी

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