विकास को पुलिस के आने की सूचना पहले से थी, तैयारी से किया हमला

कानपुर एनकाउंटर मामले में जांच कर रही STF को एक अहम जानकारी मिली है। इसके अनुसार विकास दुबे की कॉल डीटेल में कई पुलिसवालों के नंबर भी शामिल हैं जिनसे 24 घंटों में उसकी बात हुई थी।
हालांकि कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की जान लेने वाला हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे अभी भी फरार है। पुलिस तमाम छानबीन में लगी है। यह भी सामने आया है कि विकास को पुलिस के आने की सूचना पहले से थी और वह हमले के लिए पूरी तरह तैयार था।
इसके अलावा पुलिस ने एनकाउंटर मामले में 12 और लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने इन लोगों को विकास दुबे की मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 24 घंटे में इन लोगों से विकास दुबे की बातचीत हुई थी।
पुलिस को इन तीन पर मुखबिर होने का शक!
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि चौबेपुर थाने के ही एक सब इंस्पेक्टर ने विकास दुबे को पुलिस के आने की सूचना दी थी। इस वक्त पुलिस को एक दरोगा, सिपाही और होमगार्ड पर शक है। तीनों की कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
बता दें कि मामले की जांच एसटीएफ गठित हुई है। यूपी पुलिस ने विकास दुबे का सुराग देने वाले को 50 हजार रुपये के इनाम का ऐलान भी किया है। विकास दुबे के पास एके-47 और एडवांस हथियार भी थे। पुलिस चौबेपुर एसओ से भी पूछताछ कर रही है।
गौरतलब है कि कानपुर से सटे चौबेपुर के बिकरु गांव में शुक्रवार को तड़के पुलिस और विकास दुबे गिरोह के बीच हुए एनकाउंटर में 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इस मुठभेड़ में गिरोह के दो हमलावर भी मारे गए हैं जबकि विकास दुबे फरार हो गया। विकास के खिलाफ कानपुर के थाने में 60 एफआईआर दर्ज हैं।
शुक्रवार को एक मामले की जांच के लिए कानपुर पुलिस बिकरु गांव गई थी। इसी समय विकास दुबे के गुर्गों ने जेसीबी मशीन लगाकर पुलिस का रास्ता बंद कर दिया। जैसे ही पुलिसकर्मी आगे बढ़े तो विकास के गुर्गों ने तीन दिशाओं से उन पर फायरिंग शुरू कर दी।
विकास के घर में सिर्फ पिता और नौकरानी
बिकरू में विकास के घर को पुलिस ने तहस-नहस कर दिया था। घर में सारा सामान उलट-पलट करने के बाद खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए गए थे। अंदर घुसते ही एक कमरे में विकास के बीमार पिता बेड पर लेटे हुए थे। काफी कोशिशों के बावजूद वह बात नहीं कर पाए। बताया जाता है कि उन्हें बोलने में कुछ दिक्कत है। घर के आंगन में मौजूद नौकरानी रेखा के साथ उसके 2 बच्चे मौजूद थे। रेखा का दावा है कि रात में विकास घर पर नहीं थे। न ही कोई बाहर से आया था।
कुछ नहीं बता रहे ग्रामीण
पुलिस ने गांव के जिन लोगों को हिरासत में लिया था, वे घंटों बैठाने के बावजूद कुछ भी बताने को तैयार नहीं थे। बाद में पुलिस ने सभी को थाने भेज दिया था। देर शाम कानपुर और कानपुर देहात में विकास के कई रिश्तेदारों के घर पुलिस ने छापेमारी कर पूछताछ की थी।
विकास का घर किलेनुमा
बिकरू गांव के बीचों-बीच बने विकास के घर को एक तरह का किला ही कहा जा सकता है। घर के चारों तरफ आंगन के अलावा 12 फुट ऊंची दीवारों पर कंटीली बाड़बंदी भी कराई गई थी। घर में आने-जाने के रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। घर के ऊपर बनी छत पर जाने के दो रास्ते हैं। बाहर के अलावा एक रास्ता घर के अंदर से है। घर का कोई भी हिस्सा खुला नहीं है। कहीं खिड़कियां तो कहीं लोहे के जाल या ग्रिल लगी हैं। बाहर से कोई भी विकास के घर में नहीं झांक सकता है। सूत्रों के अनुसार वारदात के बाद जाते वक्त विकास सीसीटीवी कैमरों के रेकॉर्डर उखाड़ ले गया।
-एजेंसियां

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