Vrindavan में मनाया गया वामन भगवान का प्राकट्योत्‍सव

मथुरा। सनाढ्य पंचायती बगीची मोतीझील Vrindavan में प्रतिवर्ष की भांति भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वादशी को प्रातः 11 बजे वामन भगवान का प्राकट्योत्‍सव मनाया गया।

श्रीमद भागवत महापुराण के अनुसार इस तिथि को भगवान विष्णु ने वामन भगवान के रूप में अवतार लिया था। संस्था के अध्यक्ष राम गोपाल द्विवेदी की अध्यक्षता में वामन भगवान के विग्रह का मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक किया गया। संस्था के महामंत्री कपिल उपाध्याय ने सभी लोगों को वामन जयंती की बधाई दी।

वामन जयंती पर प्रकाश डालते हुये अनंत शर्मा ने बताया कि सतयुग में असुर राज बलि ने देवताओं को पराजित करके स्वर्गलोक पर अधिकार कर लिया था। इसके बाद सभी देवता भगवान विष्णु की शरण में पहुंचे। तब भगवान विष्णु ने देवमाता अदिति के गर्भ से वामन भगवान के रूप में अवतार लिया। इसके बाद एक दिन राजा बलि यज्ञ कर रहा था, तब वामनदेव असुर राज बलि के पास गए और तीन पग धरती दान में मांगी। जिसे देने में राजा बलि असफल रहा, इस तरह बलि का अभिमान चूर हो गया।

इस अवसर पर विजय गौतम ने सुंदर सुन्दर पद गाये। पं. सुधीर शुक्ला ने बताया कि इस दिन भगवान वामनदेव की पूजा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन शंख में गाय का दूध, घी, दही, शहद, शक्कर, लेकर अभिषेक करना चाहिए। इस अवसर पर डॉ विजय शर्मा, पुरुषोत्तम शर्मा,पं. समीर शुक्ला, गिरधारी थोकदार शुभम शर्मा आदि उपस्थित थे।

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *