वैक्सीनेशन राजनीति ने राजस्थान में नया मोड़ ले लिया, गहलोत सरकार घिरी

जयपुर। देशभर में कोरोना फ्री वैक्सीनेशन को लेकर राज्य सरकार जहां केंद्र से मांग कर रही है वहीं वैक्सीनेशन की राजनीति ने राजस्थान में नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में कांग्रेस सरकार दोतरफा घिरती नजर आ रही है। दरअसल, बीते दिनों प्रदेश सरकार की कैबिनेट मीटिंग में प्रदेशाध्यक्ष और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से फ्री वैक्सीनेशन की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने की बात कही थी। इसी मुद्दे पर कैबिनेट मीटिंग के दौरान ही मंत्री शांति धारीवाल और डोटासरा की तीखी बहस हो गई थी। वहीं शांति धारीवाल ने उनके आदेश को मानने से साफ इंकार कर दिया था। इस घटनाक्रम के बाद राज्य सरकार में खेमेबाजी की बात खुलकर सामने आ गई है।
शांति धारीवाल नहीं आए, मनोज मुद्गल ने सौंपा ज्ञापन
अब इसी क्रम में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने शुक्रवार को कलेक्टर और राज्यपाल के मार्फत राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें केंद्र की ओर से सभी राज्यों को फ्री वैक्सीन देने की मांग की गई लेकिन अब यहां नई चर्चा शुरू हुई है कि राजस्थान कांग्रेस सरकार केंद्र को घेरते-घेरते खुद ही अपनों में घिर गई है। जयपुर के प्रभारी मंत्री होने के नाते मंत्री शांति धारीवाल को ही कलेक्टर को ज्ञापन सौंपना था लेकिन धारीवाल अपने गृहनगर कोटा में ही रुके रहे। उनकी जगह कांग्रेस पार्षद और जयपुर शहर कांग्रेस कमेटी के निर्वतमान महासचिव मनोज मुद्गल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। वहीं कलेक्टर को ज्ञापन गोविंद सिंह डोटासरा ने सौंपा। बताया जा रहा है सीएम गहलोत स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण इस अभियान में शामिल नहीं हो पाए।
अब हो रही है ये चर्चा
कांग्रेस के इस अभियान में प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने आदेश देने के बाद भी शांति धारीवाल का रुचि ना लेना और उनके आदेशों को मानने से साफ इंकार करना सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। जानकारों का कहना है कि फ्री वैक्सीन को लेकर कांग्रेस की ओर से चलाए जा रहे अभियान पहले ही कमजोर हो गया है, क्योंकि खुद जयपुर प्रभारी मंत्री होने के बाद भी शांति धारीवाल इसमें रुचि नहीं ले रहे है। वहीं डोटासरा और धारीवाल की बीच हुई नोंक-झोंक लगातार कांग्रेस के आंतरिक कलह को बढ़ा रही है।
इधर उल्टा पड़ा दांव
जहां धारीवाल वर्सेज डोटासरा ने कांग्रेस के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। वहीं राज्यपाल को डोटासरा की ओर से ज्ञापन सौंपने के बाद ही राज्यपाल कलराज मिश्र ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को टीके की बर्बादी को लेकर पत्र लिखा है। इस पत्र में राज्यपाल मिश्र ने हाल ही प्रकाशित समाचारों का हवाला देते हुए इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्यपाल ने कहा है उचित कार्यवाही के बाद उन्हें उन्हें सूचित किया जाए। उन्होंने राज्य सरकार को प्रदेश में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करके टीके की प्रत्येक डोज को एक-एक व्यक्ति का रक्षा कवच समझकर उसका सदुपयोग करने की दिशा में कार्यवाही करने को भी कहा है।
विपक्ष के निशाने पर भी आई कांग्रेस सरकार
बता दें कि सरकार के मंत्रियों के तनातनी, राज्यपाल की ओर से टीके की बर्बादी के संबंध में सीएम को पत्र लिखने के साथ ही लगातार विपक्ष भी सरकार पर हावी हो रहा है। टीके की बर्बादी के मामले को लेकर बीजेपी लगातार गहलोत सरकार के खिलाफ निशाना साध रही है। इस मामले में जयपुर ग्रामीण से सांसद और बीजेपी प्रवक्ता राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने टीके की बर्बादी को लेकर राजस्थान सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
-एजेंसियां

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