टीकाकरण अभियान को एक साल पूरा, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दी बधाई

कोविड-19 के खिलाफ देशव्यापी टीकाकरण अभियान ने रविवार को एक साल पूरा कर लिया। इस पूरे एक साल के दौरान टीके की करीब 156.76 करोड़ खुराकें दी गईं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक करीब 92 प्रतिशत वयस्क आबादी को कम से कम एक खुराक मिल गई है जबकि करीब 68 प्रतिशत का टीकाकरण पूर्ण हो चुका है। 43.19 लाख प्रीकॉशनरी खुराकें देने के साथ ही 15 से 18 आयु वर्ग के 3,38,50,912 लाभार्थियों को पहली खुराक दी जा चुकी है। केंद्र टीकाकरण अभियान का एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में रविवार दोपहर को एक डाक टिकट भी जारी करेगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भी दी बधाई
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने सबको बधाई दी। स्वास्थ्य मंत्री ने बधाई देते हुए कहा कि, आज विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को 1 वर्ष पूर्ण हो गया है। पीएम के नेतृत्व में शुरू हुआ यह अभियान ‘सबके प्रयास’ के साथ आज दुनिया का सबसे सफल टीकाकरण अभियान है। मैं सभी स्वास्थ्य कर्मियों, वैज्ञानिकों व देशवासियों को बधाई देता हूं।
पिछले साल जनवरी में शुरु हुआ था अभियान
देश में टीकाकरण का ये अभियान पिछले साल 16 जनवरी से शुरू हुआ था, जब पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को टीके की खुराकें दी गईं थी। इसके बाद अग्रिम मोर्चा के कर्मियों के लिए टीकाकरण दो फरवरी से शुरू हुआ था। कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण एक मार्च से शुरू हुआ जिसमें 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और 45 वर्ष से अधिक उम्र के उन लोगों को टीका लगाया गया जिन्हें अन्य गंभीर बीमारियां थी।
अभियान के अगले चरण में 45 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों का टीकाकरण एक अप्रैल से शुरू हुआ था। सरकार ने 18 साल से ऊपर के सभी लोगों के टीकाकरण की अनुमति देकर अभियान का दायरा एक मई 2021 से और बढ़ा दिया था। इसके बाद 15 से 18 आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों के लिए कोविड-19 टीकाकरण अभियान का अगला चरण इस साल तीन जनवरी से शुरू हुआ।
प्रीकॉशनरी डोज की शुरुआत साल 2022 में
भारत ने स्वास्थ्य देखभाल और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को कोविड टीके की प्रीकॉशनरी खुराक देना 10 जनवरी से शुरू कर दिया, जिसमें मतदान वाले पांच राज्यों में तैनात मतदान कर्मी और 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को शामिल किया गया है। कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के प्रसार को रोकने की कवायद के तहत एहतियाती खुराक दी जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि टीकाकरण के लिए काफी कम जनसंख्या वाले कई विकसित पश्चिमी देशों की तुलना में भारत का टीकाकरण कार्यक्रम सबसे सफल और सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रमों में से एक रहा है।
-एजेंसियां

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