उप्र: निकायों में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की सीधी भर्ती पर लगेगी रोक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निकायों में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भर्ती के नाम पर होने वाले खेल पर रोक लगाने की तैयारी है। इसके लिए मृतक आश्रित कोटे को छोड़कर इस वर्ग के अन्य सभी पदों पर भर्तियां कार्यदायी संस्था के माध्यम से की जाएंगी। उत्तर प्रदेश नगर पालिका/ जल संस्थान (अकेंद्रीयत) सेवा नियमावली में इसका प्रावधान किया जा रहा है।
स्थानीय निकाय निदेशालय ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है और इसे जल्द ही कैबिनेट मंजूरी के लिए रखने की तैयारी है।
सीधी भर्ती में होता है खेल
नगर निगम अधिनियम और नगर पालिका परिषद अधिनियम में दी गई व्यवस्था के आधार पर निकायों में चतुर्थ श्रेणी का पद अकेंद्रीयत सेवा का माना गया है। अधिनियम में दी गई व्यवस्था के आधार पर इन पदों पर भर्ती का अधिकार निकायों के पास है। इसके चलते इन पदों पर भर्ती में धांधली की शिकायतें अक्सर मिलती रहती हैं। नगर विकास विभाग पहली बार अकेंद्रीयत सेवा नियमावली बना रहा है।
इसका प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इसमें अन्य पदों पर भर्तियों के साथ चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया निर्धारित की गई है। प्रस्तावित निमयावली के मुताबिक चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती मृतक आश्रितों के मामलों को छोड़कर अन्य सभी में आउट सोर्सिंग के माध्यम से की जाएगी। आउट सोर्सिंग से होने वाली भर्तियों के लिए कार्यदायी संस्थाओं का चयन शासन द्वारा निर्धारित नीति के आधार पर किया जाएगा।
रिक्त पदों का देना होगा ब्यौरा
निकायों को चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए रिक्तियों का ब्यौरा पहले तैयार करना होगा। इसके आधार पर स्थानीय निकाय निदेशालय से इन पदों पर भर्ती के लिए अनुमति लेनी होगी, जिससे गैर जरूरी पदों पर मनमाने तरीके से भर्तियां न हो सके। सूत्रों का कहना है कि स्थानीय निकाय निदेशालय द्वारा शासन को भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर नियमावली पर चर्चा हो चुकी है। नगर विकास मंत्री के समक्ष जल्द ही इसका प्रस्तुतीकरण किया जाएगा और उनकी अनुमति के बाद कैबिनेट मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
-एजेंसियां

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