चीन अगर हम पर हमला करता है तो अमेरिका आगे आएगा: ताइवान

ताइपे। ताइवान की राष्‍ट्रपति त्‍साई इंग वेन ने पहली बार माना है कि अमेरिका उनके देश की सेना को सैन्‍य प्रशिक्षण दे रहा है। वेन ने भरोसा जताया कि चीन अगर उनके देश पर हमला करता है तो अमेरिका उनकी रक्षा के लिए आगे आएगा। ताइवानी राष्‍ट्रपति का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब चीन और अमेरिका के बीच इस मुद्दे पर जुबानी जंग छिड़ी हुई है। यही नहीं चीन ताइवान के पास अपने सैकड़ों फाइटर जेट भेजकर उसे डराने में जुटा हुआ है।
सीएनएन को दिए इंटरव्‍यू में त्‍साई इंग वेन ने कहा कि ताइवान की सेना को अमेरिकी सेना प्रशिक्षण दे रही है। जब उनसे यह पूछा गया कि क्‍या आपको भरोसा है कि अमेरिका चीन के हमला करने की सूरत में ताइवान की मदद करेगा तो इस पर त्‍साई इंग वेन ने कहा, ‘मुझे पूरा भरोसा है।’ उन्‍होंने कहा कि ताइवान की रक्षा क्षमता को बढ़ाने के लिए अमेरिका व्‍यापक पैमाने पर सहयोग कर रहा है। ताइवानी राष्‍ट्रपति का यह बयान जो बाइडन के उस बयान के बाद में आया है जिसमें उन्‍होंने कहा था कि चीन ताइवान के खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई कर रहा है।
चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने के लिए तैयार
बाइडन के बयान के दौरान चीन के प्रधानमंत्री ली केकिआंग भी मौजूद थे। अमेरिकी राष्‍ट्रपति बाइडन ने कहा था कि अमेरिका चीन की ओर से होने वाले किसी भी हमले से ताइवान की रक्षा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। बाइडन के इस बयान पर चीन भड़क गया था। त्‍साई इंग वेन ने कहा कि चीन के आक्रामक व्‍यवहार के बाद भी वह चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने के लिए तैयार हैं ताकि ‘गलतफहमियों को कम’ किया जा सके। साथ ही मतभेदों को उनके राजनीतिक प्रणाली के हिसाब से दूर किया जा सके।
ताइवानी राष्‍ट्रपति ने कहा, ‘हम साथ बैठ सकते हैं और अपने मतभेदों के बारे में बात कर सकते हैं। साथ ही व्‍यवस्‍थाओं को बनाने के बारे में प्रयास कर सकते हैं ताकि हम शांतिपूर्ण सह‍अस्तित्‍व के साथ रह सकें। बता दें कि अमेरिका ने वर्ष 1979 में ताइवान को मान्‍यता दी थी जिसे चीन अपना हिस्‍सा मानता है। वहीं अमेरिकी कांग्रेस ने उसी समय ताइवान रिलेशन ऐक्‍ट को पारित किया था। इसके तहत आत्‍मरक्षा के लिए ताइवान को अमेरिका हथियार दे सकता है।
-एजेंसियां

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