अमेरिका: रक्षा खर्च के फंड पर राष्‍ट्रपति ट्रंप का वीटो खारिज

वॉशिंगटन। अमेरिका की कांग्रेस ने रक्षा खर्च के फंड पर राष्ट्रपति ट्रंप के वीटो को खारिज कर दिया है. ट्रंप के राष्ट्रपति काल में ऐसा पहली बार हुआ है.
रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाली सीनेट ने नए साल के पहले दिन दुर्लभ सत्र आयोजित करते हुए इस मुद्दे पर चर्चा की.
अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन हाउस ऑफ रेप्रेसेंटेटिव में इस पर पहले ही वोट किया जा चुका था.
740 अरब डॉलर के इस विधेयक के जरिए अगले एक साल तक अमेरिका की रक्षा नीति पर ख़र्चा किया जाना है.
कुछ ही सप्ताह में राष्ट्रपति पद छोड़ने जा रहे डोनल्ड ट्रंप ने इस विधेयक के कुछ प्रावधानों का विरोध किया था.
सीनेट ने 81-13 के मतविभाजन से नेशनल डिफेंस ऑथोराइज़ेशन एक्ट (एडीएए) को पारित किया. राष्ट्रपति के वीटो को खारिज करने के लिए दो-तिहाई बहुमत होना अनिवार्य है. ये घटनाक्रम नई कांग्रेस के शपथ लेने से दो दिन पहले हुआ है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने उन नीतियों का विरोध किया है जो अफ़ग़ानिस्तान और यूरोप से अमेरिकी सैनिकों को हटाने की संख्या को सीमित करती हैं.
वो विधेयक के सोशल मीडिया कंपनियों की ज़िम्मेदारी तय करने वाले प्रावधान को भी हटाना चाहते थे.
बहस शुरू होने से पहले सदन में रिपब्लिकन नेता मिच मैककोनेल ने कहा था कि वो विधेयक को पारित कराने को लेकर आश्वस्त हैं.
कांग्रेस को ये क़दम क्यों उठाना पड़ा?
कांग्रेस से पारित विधेयक के क़ानून बनने के लिए राष्ट्रपति के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं. कुछ दुर्लभ परिस्थितियों में राष्ट्रपति विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं या उसे वीटो कर देते हैं. ऐसा नीतिगत मामलों में मतभेद की वजह से होता है.
लेकिन सदन के सदस्य दोनों सदनों में दो-तिहाई से अधिक बहुमत से विधेयक पारित कराकर राष्ट्रपति के वीटो को खारिज करा सकते हैं और विधेयक को क़ानून बना सकते हैं.
कांग्रेस में डेमोक्रेट पार्टी की सबसे शक्तिशाली सदस्य और हाउस स्पीकर नैंसी पलोसी ने कहा है कि ट्रंप के इस क़दम से अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा ख़तरे में थी.
राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को इस विधेयक को वीटो किया था. उनके सलाहकारों ने उनसे विधेयक के ख़िलाफ़ न जाने के लिए चेताया भी था.
इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने आठ विधेयकों को वीटो किया है. वो सभी वीटो प्रभावी रहे थे.
राष्ट्रपति ट्रंप का कार्यकाल बीस जनवरी को समाप्त को हो रहा है. उसी दिन डेमोक्रेट पार्टी नेता और 2020 राष्ट्रपति चुनावों के विजेता जो बाइडेन शपथ लेंगे.
-BBC

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