चीन की बढ़ती सैन्य कार्रवाइयों के बीच मिलकर काम करने की जरूरत: US

अमेरिकी हिंद-प्रशांत कमान के प्रमुख ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को चीन की बढ़ती सैन्य कार्रवाइयों के बीच तत्काल मिलकर काम करने की जरूरत है। एडमिरल जॉन सी एक्विलिनो ने हैलीफैक्स इंटरनेशनल सुरक्षा फोरम (Halifax International Security Forum) में सहयोगियों के साथ बैठकों के दौरान एक स्वतंत्र तथा खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को हासिल करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने पत्रकारों के साथ बैठक में कहा कि देखिए चीन वालों ने क्या कहा। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने बलों को 2027 तक अमेरिका के सैन्य समानता के स्तर तक पहुंचने का काम सौंपा है। ये उनके शब्द हैं
एक्विलिनो ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों को अंतर-सक्रियता के लिए अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र में मिलकर और अधिक काम करना होगा ताकि वे जरूरत पड़ने पर मिलकर अभियान चला सकें। चीन की सेना ने स्वशासित ताइवान द्वीप के पास बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान भेजे हैं जिससे तनाव गहरा गया है। ताइवान को चीन अपना हिस्सा मानता है। चीन ने जरूरत पड़ने पर बलों के इस्तेमाल की चेतावनी दी है।
चीन ने रोकीं फिलीपीन की दो नौकाओं
इस सप्ताह चीन के तटरक्षक जहाजों ने फिलीपीन की दो नौकाओं को भी रोक लिया था। ये नौकाएं विवादित दक्षिण चीन सागर के एक टापू पर आपूर्ति पहुंचा रही थीं। चीन एक तरह से पूरे दक्षिण चीन सागर पर दावा करता है और उसने सात टापुओं को मिसाइलों से संरक्षित द्वीप आधार बना लिया है ताकि उसका प्रभुत्व और बढ़ सके। इससे तनाव बढ़ गया है और अमेरिका के नेतृत्व वाली पश्चिमी देशों की सरकारें चौकन्नी हो गई हैं।
किस हिंद-प्रशांत क्षेत्र का हिस्सा बनना चाहेंगे?
एक्विलिनो ने कहा कि हम अपने मूल्यों के लिए लड़ रहे हैं। स्वतंत्र और खुले या बंद और अधिपत्य वाले क्षेत्र में अंतर है। आप किस हिंद-प्रशांत क्षेत्र का हिस्सा बनना चाहेंगे? समान विचार वाले देशों के लिए यह स्पष्ट है। एक्विलिनो ने कनाडा के रक्षा मंत्री और उनके सेना प्रमुख से शुक्रवार को मुलाकात की थी। हैलीफैक्स अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा फोरम का यह 13वां वर्ष है जिसमें पश्चिमी देशों के रक्षा और सुरक्षा अधिकारी भाग ले रहे हैं।
-एजेंसियां

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