Urban Naxals साफ-सुथरे दिखते अवश्‍य हैं, पर इनके काम अच्छे नहीं हैं: पीएम मोदी

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘जो Urban Naxals हैं, वे शहरों में रहते हैं, एसी कमरे में रहते हैं

बस्तर। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के प्रचार में जुटे पीएम मोदी शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। यहां पीएम मोदी ने कहा, ‘जो Urban Naxals हैं, वे शहरों में रहते हैं, एसी कमरे में सोते हैं। उनके बच्चे विदेशों में रहते हैं, वे वहां से बैठे-बैठे रिमोट के जरिए आदिवासी बच्चों को बहकाते हैं। कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि वह ऐसे Urban Naxals को क्यों बचाना चाहती है। क्या वह आदिवासी भाइयों का जीवन बर्बाद करने वालों का साथ देगी।’

 

पीएम मोदी ने कहा कि अर्बन नक्सल साफ-सुथरे दिखते हैं लेकिन इनके काम अच्छे नहीं है, जिन हाथों में कलम होनी चाहिए, उन हाथों में इन्होंने बंदूक पकड़ा दी है।

अटल जी ने छत्तीसगढ़ के लिए जो सपने देखे थे उनको पूरा करने के लिए मैं बार-बार छत्तीसगढ़ आया हूं और बस्तर आउंगा। जब तक मैं अटल जी के सपने पूरे नहीं कर देता तब तक चैन से बैठने वाला नहीं हूं।

अब हमारा छत्तीसगढ़ 18 साल का हो गया है। 18 साल बच्चों की जरूरतें कुछ और होती हैं, इसके बाद जरूरतें बदल जाती हैं। इसके बाद मां-बाप भी उनके हिसाब से जरूरतें पूरी करते हैं।

पहले जो सरकारें रहीं उनकी सोच रहती थी मेरा-तेरा, मेरी जात वाला मेरी बिरादरी वाला, मेरा रिश्तेदार और मेरा परिवार। हमने इन स्थितियों को बदला है, हमारा मंत्र है सबका साथ -सबका विकास , मेरे तेरे का खेल अब कोई बर्दाश्त करने वाला नहीं है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव में दो चरणों मे मतदान होगा। पहले चरण में इस महीने की 12 तारीख को बस्तर क्षेत्र के सात जिले और राजनांदगांव जिले की 18 सीटों अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, जगदलपुर, चित्रकोट, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंटा, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, डोंगरगांव, खुज्जी, खैरागढ़ और मोहला-मानपुर पर मतदान होगा. इन सीटों में से 12 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए तथा एक सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।

पहले चरण में राजनांदगांव से मुख्यमंत्री रमन सिंह को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी चुनौती दे रही हैं। इसी चरण में रमन सिंह मंत्रिमंडल के दो सदस्यों और एक भाजपा सांसद के भाग्य का भी फैसला होना है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी पिछले 15 वर्षों से सत्ता में है और इस बार वह 65 सीटों पर जीत के साथ चौथी बार सरकार बनाने का प्रयास कर रही है। वहीं कांग्रेस इस बार सत्ता में आने का प्रयास कर रही है। राज्य में सरकार बचाने और बनाने के लिए भाजपा और कांग्रेस ने अपनी ताकत झोंक दी है।

इधर, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ (जे) बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव मैदान में है जिससे कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है। राज्य में वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में 90 सीटों में से 49 सीटों पर भाजपा ने और 39 सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। वहीं एक-एक सीट पर बसपा और निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की थी।
-एजेंसी

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