जल्द हटेंगे लंबे समय से डटे UP Roadways के कर्मचारी व अफसर

लखनऊ। भारी ऊपरी कमाई व रुतबा के बूते लंबे समय तक डटे रहे UP Roadways के कर्मचारी व अफसर जल्द ही हटा द‍िए जायेंगे। परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने UP Roadways प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर को निर्देश दिए , इसके बाद प्रबंध निदेशक ने कार्मिक एवं प्रशासन इकाई से मुख्यालय में लंबे अरसे से तैनात कर्मियों एवं अफसरों का ब्योरा मांग लिया है।

यूपी रोडवेज मुख्यालय में जुगाड़ से एक ही कुर्सी पर 15-15 साल से डटे कर्मचारी और अफसर हटेंगे। तबादला नीति के दायरे में आने के बाद भी कमाई और रुतबा के चलते हर बार बचने वाले कर्मचारी एवं अधिकारी हटाए जाएंगे।अब पद के आधार पर इनकी तैनाती की जाएगी।

माना जा रहा है कि 15 नवंबर तक ऐसे कर्मियों की स्थानीय स्तर पर ट्रांसफर-पोस्टिंग की जाएगी। तबादला नीति के दायरे में आने वाले ऐसे अधिकतर कर्मचारी एवं अधिकारी निगम के चेयरमैन, प्रबंध निदेशक एवं अपर प्रबंध निदेशक के शिविर में तैनात हैं।

निजी सचिव की कुर्सी पर एआरएम
अधिकतर तत्कालीन प्रबंध निदेशकों ने तबादला सत्र के दौरान प्रदेश भर के कर्मियों एवं अधिकारियों का तो तबादला किया, लेकिन मुख्यालय के कर्मियों एवं अधिकारियों को छोड़ दिया।

परिवहन निगम में ऐसे बहुत से सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) डटे हैं, जिन्होंने प्रमोशन पाने के बाद भी कुर्सी नहीं छोड़ी। प्रबंध निदेशक एवं अपर प्रबंध निदेशक के शिविर में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक का कोई पद नहीं है, भी फिर लंबे अरसे से डटे हैं।

आरएम पर भारी एआरएम
यही नहीं डिपो में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक की जगह यातायात अधीक्षक जिम्मेदारी संभाले हैं, जबकि निगम मुख्यालय में 10 से अधिक एआरएम मुख्य प्रधान प्रबंधक व प्रधान प्रबंधक से संबद्ध होकर मौज कर रहे हैं।

परिवहन निगम मुख्यालय में जोड़तोड़ से जो एआरएम डटे हैं, वे परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) पर भारी पड़ रहे हैं। ऐसे एआरएम जब डिपो में तैनात होते हैं तो आरएम के अधीन कार्य करते हैं लेकिन मुख्यालय के एआरएम परिक्षेत्र के आरएम पर मुख्य प्रधान प्रबंधक एवं प्रधान प्रबंधक के शिविर में तैनात होने का रुतबा दिखाते हैं।
– एजेंसी

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