यूपी: बिजली दरों में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव सौंपने की तैयारी

लखनऊ। यूपी में महंगी बिजली की मार झेल रहे उपभोक्ताओं को और महंगी बिजली का करंट लग सकता है। पावर कॉरपोरेशन जल्द बिजली दरों में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव राज्य विद्युत नियामक आयोग में सौंपने की तैयारी कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक पावर कॉरपोरेशन 2020-21 के लिए बिजली दरों में 4 से 5 फीसदी की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव देगा।
नए प्रस्ताव में पावर कॉरपोरेशन का फोकस उन क्षेत्रों से वसूली को बढ़ाना है, जहां ज्यादा बिजली सप्लाई के बाद भी उसे बहुत कम रेवेन्यू मिलता है। ग्रामीण उपभोक्ताओं को बिजली के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। इसके अलावा शहरी बिजली उपभोक्ताओं की दरों में भी 4 से 5% की औसत बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव कॉरपोरेशन की तरफ से दिया जाएगा।
व्‍यावसायिक दरों में नहीं होगा बदलाव
सूत्रों के मुताबिक बिजली कंपनियों की तरफ से जो बढ़ोत्तरी प्रस्ताव दिया जाएगा। उसमें घरेलू और ग्रामीण उपभोक्ताओं की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव होगा लेकिन व्‍यावसायिक उपभोक्ताओं पर कम बोझ डालने का प्रस्ताव होगा।
इसके पीछे एक बड़ी वजह प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है। सरकार को लगता है कि अगर इंडस्ट्री के लिए बिजली और महंगी होगी तो इसका निवेश पर बुरा असर पड़ेगा।
ट्रांसमिशन कंपनियों ने हाल ही में फाइल किया था एआरआर
हाल ही में ट्रांसमिशन कंपनियों ने एआरआर फाइल किया था। उसके बाद से ही कयास लगाए जाने लगे हैं कि जल्द ही बिजली वितरण कंपनियां भी अपना एआरआर और बिजली दर बढ़ोत्तरी प्रस्ताव भी नियामक आयोग को भेज सकते हैं।
सितंबर 2019 में बढ़ीं थी बिजली दरें
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने पिछली बार सितंबर, 2019 में बिजली दरों में बढ़ोत्तरी की थी। सितंबर 2019 में औसतन 12 प्रतिशत की बिजली दर बढ़ोत्तरी नियामक आयोग द्वारा की गई थी। इसमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी अनमीटर्ड उपभोक्ताओं के लिए की गई थी। जो कि करीब 25 प्रतिशत थी।
-एजेंसियां

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