Ayodhya पर फैसले के मद्देनजर यूपी सरकार ने जारी की गाइडलाइन

अयोध्‍या। Ayodhya विवाद (रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामला) में सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस महीने फैसला आने की संभावना है। इस बीच यूपी सरकार ने Ayodhya में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति और अफवाह से बचने के लिए सोशल मीडिया के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं।
योगी सरकार की ओर से जारी 4 पन्नों की गाइडलाइंस में अयोध्या को लेकर अगले दो महीने तक वॉट्सऐप, ट्विटर, टेलिग्राम और इंस्टाग्राम पर देवी-देवताओं के बाबत किसी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी न करने का आदेश दिया गया है। यही नहीं, टीवी चैनलों को भी इस दौरान किसी तरह की डिबेट के आयोजन से बचने को कहा गया है।
अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा की ओर से 31 अक्टूबर को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि जिले में 28 दिसंबर तक यह आदेश लागू रहेगा। इसके अलावा अयोध्या में सीआरपीसी की धारा 144 भी लागू की गई है। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आईपीसी के सेक्शन 188 के तहत केस दर्ज किया जाएगा।
किसी महान हस्ती पर विवादित कमेंट पर होगा एक्शन
आदेश में कहा गया है कि किसी भी महान हस्ती, देवियों और देवताओं पर इंस्टाग्राम, ट्विटर और वॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी करने की मंजूरी नहीं दी जाएगी।
यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले सरकार ने अयोध्या में रैलियों और वॉल पेंटिंग्स पर भी रोक लगा दी है। जिले में किसी भी देवी-देवता की प्रतिमा की स्थापना के लिए प्रशासन की मंजूरी जरूरी होगी।
अयोध्या के लिए जारी हुईं 30 गाइडलाइंस
आदेश में कहा गया है कि यह प्रतिबंध त्योहारी सीजन को देखते हुए लगाए गए। हाल के दिनों में छठ पूजा, कार्तिक पूर्णिमा, पंचकोसी परिक्रमा, चौधरी चरण सिंह जयंती, गुरु नानक जयंती, गुरु तेगबहादुर शहीदी दिवस, ईद-उल-मिलाद और क्रिसमस जैसे उत्सव हैं। पहले 10 अक्टूबर को इस संबंध में आदेश जारी किया गया था। इसके बाद 30 अक्टूबर को एक बार फिर से नया आदेश जारी हुआ और विस्तार से 30 गाइडलाइंस के बारे में बताया गया। नए आदेश के तहत रामजन्मभूमि पर किसी भी तरह के पब्लिक प्रोग्राम, जलसे, रैली या वॉल पेंटिंग बनाने पर रोक है।
-एजेंसियां

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