उन्नाव रेप केस: CBI ने एक IAS और दो IPS को दोषी माना, तीनों अधिकारी महिला

नई दिल्‍ली। उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर जेल में हैं। CBI इस मामले की जांच कर रही है। CBI ने अपनी जांच में हापुड़ DM अदिति सिंह, IPS पुष्पांजलि सिंह माथुर और IPS नेहा पाण्डेय दोषी पाया है। CBI ने यूपी सरकार से तीनों महिला अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की सिफारिश की है। IPS पुष्पांजलि सिंह माथुर DIG शलभ माथुर की पत्‍नी हैं।
उन्नाव से भारतीय जनता पार्टी के विधायक रहे कुलदीप सिंह सेंगर के मामले में CBI ने राज्य सरकार से बड़ी सिफारिश की है। CBI ने अपनी जांच में तत्कालीन डीएम अदिति सिंह, एसपी पुष्पांजलि और नेहा पाण्डेय को दोषी माना है। CBI की जांच में पता चला है कि रेप पीड़िता की शिकायत और बयान के बाद भी इन महिला अधिकारियों ने कोई कार्यवाही नहीं की।
उन्नाव रेप मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर जेल में हैं। CBI ने कुलदीप सिंह सेंगर को जेल भेजा था। जांच में CBI ने पाया कि आईएएस अदिति सिंह तत्कालीन उन्नाव की डीएम थीं, IPS अधिकारी नेहा पांडेय और IPS पुष्पांजलि उन्नाव की एसपी थीं।
एक ASP भी जांच में दोषी
तीन महिला अधिकारियों के अलावा CBI ने तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक अष्टभुजा सिंह को भी इस केस में लापरवाही का दोषी पाया है और उनके खिलाफ भी कार्यवाही के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा गया है।
अदिति सिंह पर कार्यवाही न करने का आरोप
2009 बैच की आईएएस अदिति सिंह 24 जनवरी 2017 से 26 अक्टूबर 2017 तक उन्नाव की डीएम थीं। सीबीआई ने जांच में पाया है कि अदिति सिंह से रेप पीड़िता ने कई बार शिकायत की। उसने कई पत्र उन्हें लिखे लेकिन डीएम ने उसके पत्र पर कोई कार्यवाही नहीं की।
सीबीआई ने पुष्पांजलि को इसलिए पाया दोषी
2006 बैच की आईपीएस पुष्पांजलि सिंह उन्नाव में 27 अक्तूबर 2017 से 30 अप्रैल 2018 तक तत्कालीन एसपी थीं। इनके पर आरोप है कि उन्होंने भी रेप पीड़िता की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। यहां तक कि जब रेप पीड़िता के पिता को पीटा गया और उनकी मौत हो गई, तब भी एसपी ने कोई सख्त एक्शन नहीं लिया। यहां तक कि उन्होंने इस केस को दबाने का प्रयास किया।
नेहा पाण्डेय पर हैं ये आरोप
2009 बैच की आईपीएस नेहा पाण्डेय उन्नाव में 2 फरवरी 2016 से 26 अक्तूबर 2017 तक एसपी थीं। सीबीआई ने जांच में पाया कि नेहा पाण्डेय ने भी अपने पद पर रहते हुए पीड़िता की कोई मदद नहीं की। वह बार-बार उन्हें पत्र लिखती रही और वह उसके पत्रों को नजरअंदाज करती रहीं।
इन दिनों यहां पर है तीनों अधिकारियों की तैनाती
राज्य सरकार अब सीबीआई के पत्र पर तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच करा सकती है। आईएएस अदिति सिंह अभी हापुड़ में डीएम हैं। वहीं आईपीएस नेहा पाण्डेय केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आईबी में तैनात हैं। पुष्पांजलि वर्तमान में एसपी रेलवे गोरखपुर हैं।
-एजेंसियां

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