‘गगनयान’ का मानव रहित ट्रायल इसी साल दिसंबर में होगा

नई दिल्‍ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान भारत के महत्वाकांक्षी मिशन गगनयान का जिक्र किया। सीतारमण ने स्पष्ट किया कि गगनयान का मानव रहित ट्रायल इसी साल दिसंबर में होगा। बता दें कि कोरोना महामारी की वजह से गगनयान की तैयारियों पर असर पड़ा था जिसके चलते पिछले साल दिसंबर में इसका अनमैन्ड मिशन लॉन्च नहीं हो पाया था।
बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने गगनयान और पीएसएलवी सी 51 की तैयारियों के बारे में बताया। सीतारमण ने कहा, ‘गगनयान योजना के तहत चार भारतीय अंतरिक्षयात्रियों की ट्रेनिंग रूस में चल रही है । 2021 दिसंबर में अनमैन्ड मिशन जाएगा।’
कोरोना के चलते लेट हुआ मिशन
बता दें कि गगनयान योजना के तहत इसरो की योजना था कि गगनयान से पहले आजमाइश के तौर पर दो मानवरहित विमान भेजने की है। इसमें से एक को दिसंबर 2020 में उड़ान भरने वाला था जबकि दूसरा जुलाई 2021 में रवाना होना था। हालांकि कोरोना के चलते पिछले साल यह संभव नहीं हो पाया था।
क्या है मिशन गगनयान?
अंतरिक्ष एजेंसी की योजना 2022 में 10,000 करोड़ रुपये की लागत वाले ‘गगनयान’ को अंतरिक्ष में भेजने की है। देश 2022 में देश की आजादी को 75 साल पूरे हो जाएंगे। वहीं भारतीय वायु सेना के चार पायलट मॉस्को में अभी प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं जो गगनयान परियोजना के संभावित उम्मीदवार हैं।
इसी महीने लॉन्च होंगी प्राइवेट सैटलाइट!
साथ ही सीतारमण ने यह भी बताया कि PSLV C51 लॉन्च पर काम हो रहा है। बता दें कि इसरो इसी महीने की 28 तारीख को पीएलएसवी C51 की लॉन्चिंग की तैयारी कर रहा है। इस मिशन के तहत प्राइवेट सैटलाइट को पोलर रॉकेट पीएसएलवी सी 51 के तहत अंतरिक्ष में भेजा जाएगा जिसमें भारतीय स्टार्टअप की बनाई हुई तीन सैटलाइट भी शामिल हैं।
इस अभियान में एक प्राइवेट अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटलाइट आणंद को भी आकाश में भेजा जाएगा। इसे आठ महीनों में ‘पिक्सल इंडिया’ नाम के स्टार्टअप ने तैयार किया है।
-एजेंसियां

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