संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि कानूनों में संशोधन का प्रस्‍ताव ठुकराया

नई दिल्‍ली। केंद्र के कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे 30 से अधिक किसान संगठनों के फ़ोरम ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर क़ानून में संशोधन करने के सरकार के प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया है.
संयुक्त किसान मोर्चा ने बुधवार को केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण के संयुक्त सचिव विवेक अग्रवाल को पत्र लिखकर सरकार के प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया.
मोर्चे का कहना है कि उसने इस प्रस्ताव को 9 दिसंबर को ही ख़ारिज कर दिया था.
ग़ौरतलब है कि केंद्र सरकार का कहना था कि उसने पांच चरण की बातचीत के बाद कोई हल न निकलने पर उसने किसान संगठनों को तीन कृषि क़ानूनों में संशोधन का प्रस्ताव भेजा था लेकिन उस प्रस्ताव का लिखित में जवाब नहीं दिया गया.
मोर्चे के सदस्य दर्शन पाल ने केंद्र सरकार को लिखित जवाब में कहा कि सभी किसान संगठनों ने सरकार के भेजे प्रस्ताव पर चर्चा की थी और इसको उसी दिन एकमत से ख़ारिज कर दिया था.
इस पत्र में किसान संगठनों ने सरकार को किसान आंदोलन को कलंकित न करने और दूसरे किसान संगठनों से बात न करने की अपील की है.
दर्शन पाल ने पत्र में लिखा है कि उन्होंने पिछली बातचीत में यह साफ़ कर दिया था कि उन्होंने लिखित जवाब क्यों नहीं भेजा था.
मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (किसान) के उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाक़ात करके कृषि क़ानूनों और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर सुझाव दिए थे.
इसके बाद इस संगठन ने यूपी में ज़िला स्तरों पर चल रहे प्रदर्शनों को समाप्त करने का फ़ैसला किया था.
प्रदर्शनकारी किसानों ने चिल्ला बॉर्डर ब्लॉक किया
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने चिल्ला बॉर्डर पर दिल्ली की तरफ जा रहे नोएडा लिंक रोड को ब्लॉक कर दिया है.
चिल्ला बॉर्डर से भारतीय किसान यूनियन (भानु) के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह ने कहा, “हम यहां शांतिपूर्वक बैठे थे लेकिन हमारे लोगों को डीएनडी पर रोका जा रहा है इसलिए अभी रोड ब्लॉक करेंगे. जब तक सारे लोग नहीं आ जाते हम किसी को नहीं जाने देंगे.”
वहीं एडीसीपी नोएडा, रणविजय सिंह का कहना है कि किसानों को कोई कन्फ्यूज़न था ‘जिसे दूर कर दिया गया है.’
उन्होंने कहा,“किसान शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं. दोनों तरफ से ट्रैफिक की व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है. संगठन के लोग यहां आते-जाते रहते हैं. उनके नेतृत्व से बात करने के बाद चीजें मैनेज हो जाती हैं.”
सुप्रीम कोर्ट में आज किसानों को हटाने पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को दिल्ली सीमा पर विरोध करने के लिए डटे किसानों को हटाने की याचिकाओं पर सुनवाई होगी.
तीन नए कृषि क़ानूनों के विरोध में दिल्ली और पड़ोसी राज्यों की सीमा पर 26 नवंबर से ही किसान धरने पर बैठे हैं.
उनके प्रदर्शन पर आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट में कुछ याचिकाएँ दायर की गई हैं. इनमें किसानों को तत्काल हटाए जाने की माँग की गई है.
इन सम्मिलित याचिकाओं पर भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबड़े की अगुआई वाली खंडपीठ सुनवाई करेगी.
-BBC

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