TMC नेताओं की गिरफ्तारी से नाराज ममता CBI दफ्तर में धरने पर बैठीं

कोलकाता। केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI ने सोमवार को नारद स्टिंग ऑपरेशन के मामले में बड़ी कार्यवाही की है। सीबीआई ने तृणमूल कांग्रेस के नेता फिरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी और मदन मित्रा के साथ पार्टी के पूर्व नेता शोभन चटर्जी को कोलकाता में गिरफ्तार किया। दरअसल, यह कार्यवाही इसलिए की गई है क्योंकि सीबीआई स्टिंग टेप मामले में अपना आरोपपत्र दाखिल करने वाली है। उधर, सीबीआई की कार्यवाही से टीएमसी बौखला गई है। नेताओं की गिरफ्तार की खबर मिलते ही बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी भी सीबीआई के दफ्तर पहुंच गईं।
@02:30 TMC वर्कर्स ने की पत्थरबाजी, पुलिस ने भांजी लाठियां
कोलकाता में सीबीआई ऑफिस के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं ने विरोध- प्रदर्शन किया। इस दौरान टीएमसी के वर्कर्स ने पत्थरबाजी की। इसके बाद वहां मौजूद पुलिस ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया।
@02:10 ममता ने CBI के कोलकाता ऑफिस में शुरू किया धरना
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के अपने चार नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में सीबीआई के कोलकाता ऑफिस में धरना शुरू कर दिया है। ममता बनर्जी ‘निजाम पैलेस’ की 15वीं मंजिल पर पहुंचीं, जहां सीबीआई का एंटी करप्शन सेल का ऑफिस है। उनके प्रवक्ता और वकील अनिंद्यो राउत ने पत्रकारों से कहा, ‘दीदी (ममता बनर्जी) इस सीबीआई कार्यालय को तब तक नहीं छोड़ेंगी जब तक कि उनकी पार्टी के सहयोगी रिहा नहीं हो जाते या उन्हें भी गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता।
@1:05 बजे CBI ने TMC के 3 विधायकों और पूर्व नेता को किया गिरफ्तार
सीबीआई ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के नेता फिरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी और मदन मित्रा के साथ पार्टी के पूर्व नेता शोभन चटर्जी को नारद स्टिंग मामले में कोलकाता में गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि चारों नेताओं को सोमवार सुबह कोलकाता के निजाम पैलेस में सीबीआई कार्यालय ले जाया गया। इन नेताओं की गिरफ्तारी की खबरें आने के तुरंत बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने नेताओं के साथ सीबीआई कार्यालय पहुंच गईं।
राज्यपाल धनखड़ ने दी थी केस चलाने की मंजूरी
हकीम, मुखर्जी, मित्रा और चटर्जी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी लेने के लिए सीबीआई ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ का रुख किया था। वर्ष 2014 में कथित अपराध के समय ये सभी मंत्री थे। धनखड़ ने चारों नेताओं के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद सीबीआई अपना आरोपपत्र तैयार कर रही है और उन सबको गिरफ्तार किया गया।
हकीम, मुखर्जी और मित्रा तीनों TMC के हैं विधायक
हकीम, मुखर्जी और मित्रा तीनों हालिया विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के विधायक के तौर पर निर्वाचित हुए हैं। वहीं, बीजेपी से जुड़ने के लिए चटर्जी ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ दी थी और दोनों खेमे से उनका टकराव चल रहा है।
2016 में सामने आया नारद स्टिंग टेप
पश्चिम बंगाल में 2016 के विधानसभा चुनाव से पहले नारद स्टिंग टेप सामने आने से सियासी गलियारों में हलचल मच गई थी। दावा किया गया था कि इन्हें 2014 में बनाया गया था और इसमें टीएमसी के मंत्री, सांसद और विधायक की तरह दिखने वाले व्यक्तियों को एक काल्पनिक कंपनी के नुमाइंदों से कैश लेते दिखाया गया था। स्टिंग ऑपरेशन कथित तौर पर नारद न्यूज पोर्टल के मैथ्यू सैमुअल ने किया था। यह मामला कलकत्ता हाई कोर्ट तक पहुंचा। मार्च, 2017 में कोर्ट ने स्टिंग ऑपरेशन की सीबीआई जांच का आदेश दिया। सीबीआई और ईडी ने इस मामले की जांच शुरू की थी।
नवंबर 2020 में ईडी ने टीएमसी नेताओं को भेजा नोटिस
पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के कई नेता सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के रेडार पर थे। नवंबर 2020 में ईडी ने नारद स्टिंग ऑपरेशन में पूछताछ के लिए तीन टीएमसी नेताओं को नोटिस भेजकर डॉक्युमेंट मांगे थे। इनमें मंत्री फिरहाद हाकिम, हावड़ा सांसद प्रसून बंदोपाध्याय और पूर्व मंत्री मदन मित्रा की आय और व्यय का हिसाब मांगा गया था।
मुकुल रॉय और सुवेंदु अधिकारी पर भी दर्ज था केस
ईडी ने सीबीआई की शिकायत के आधार पर कथित मनी लॉन्ड्रिंग में 12 नेताओं और एक आईपीएस के अलावा 14 अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। 13 लोगों में मदन मित्रा, मुकुल रॉय (अब बीजेपी में हैं), सौगत रॉय, सुलतान अहमद (2017 में निधन), इकबाल अहमद, काकोली घोष दस्तीदार, प्रसून बंदोपाध्याय, सुवेंदु अधिकारी (अब बीजेपी में), सोवन चटर्जी ( अब बीजेपी छोड़ी), सुब्रत मुखर्जी, फिरहाद हाकिम, अपरूपा पोड्डार और आईपीएस अधिकारी सैयद हुसैन मिर्जा का नाम शामिल था। बताते चलें कि 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम से शिकस्त दी। इसके बाद उन्हें बीजेपी ने नेता विपक्ष बनाया है।
-एजेंसियां

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