Uber और Ola ने घटाई बड़े शहरों में नई कारों की डिमांड

नई दिल्ली। Uber और Ola जैसी ऐप बेस्ड कैब कंपनियों की शेयर्ड सर्विस और ज्यादा ट्रैफिक के कारण देश के प्रमुख बड़े शहरों में नई कारों की डिमांड कम हो गई है। ऐसा मानना है देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki का। इसके अलावा फ्यूल की बढ़ती कीमत और इंश्योरेंस प्रीमियम व फाइनैंस रेट महंगे होने को भी मारुति सुजुकी इसके लिए जिम्मेदार मानती है।
मारुति सुजुकी के सीनियर डायरेक्टर (सेल्स एंड मार्केटिंग) आरएस कालसी ने इस संबंध में कहा कि ‘वर्तमान समय में ग्रोथ को लेकर मेट्रो शहरों का मार्केट दबाव में है। मांग कम होने के पीछे ज्यादा ट्रैफिक और शेयर्ड कैब सर्विस का काफी हद तक असर है।’
उन्होंने कहा कि अगर कोई ग्राहक नहीं खरीदने का फैसला कर लेता है, तो इस स्थिति में हम कुछ नहीं कर सकते हैं। नए वाहनों की बिक्री दबाव में है और पिछले दो महीने से मारुति की फ्लैट ग्रोथ इसका गवाह है। फेस्टिव सीजन के दौरान बिक्री कम रही, जो आमतौर पर कार निर्माता कंपनियों के लिए शानदार मौका होता है।
ग्रामीण बाजार से पिछड़ रहा शहरी मार्केट
कालसी ने कहा कि कारों की बिक्री में बड़ा शेयर रखने वाले शहरी बाजार का शेयर अब कम हो रहा है। शहरी बाजर तेजी से बढ़ रहे ग्रामीण बाजार से पिछड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘रूरल मार्केट में 12 से 14 परसेंट की बढ़ोत्तरी हुई है जबकि शहरी बाजार इस मामले में काफी सुस्त है। शहरी बाजार में मात्र 2 से 3 परसेंट की ग्रोथ देखी गई है।’
उन्होंने कहा कि यह लगातार दूसरा साल होगा, जब भारत में थोक बिक्री वाला शहरी बाजार कमजोर साबित हो रहा है। साल 2017-18 में बिक्री के मामले में मुंबई में 20%, बेंगलुरु में 11% और चेन्नै में 4.5% की गिरावट आई थी। कार बिक्री के बड़े बाजार माने जाने वाले दिल्ली और पुणे में भी मात्र 2% की ग्रोथ हो पाई।
रिटेल बिक्री के दबाव के बारे में बात करते हुए कालसी ने कहा, ‘इस साल फेस्टिव सीजन में बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। हमने 6% की वृद्धि की, जो अच्छी नहीं है। हम दो अंकों में ग्रोथ की उम्मीद कर रहे थे और उसके आधे के आसपास ही कर पाए।
खरीदारों को लुभाने के लिए ज्यादा डिस्काउंट
खरीदारों को लुभाने और उन्हें शोरूम तक लाने के लिए ऑटो इंडस्ट्री में डिस्काउंट काफी ज्यादा दिया जा रहा है। मारुति ने भी कहा है कि पिछले साल की तुलना में इस साल डिस्कांउट करीब 20% ज्यादा दिया गया है। कालसी ने कहा कि पिछले साल फेस्टिव सीजन के दौरान औसत डिस्कांउट करीब 15,500 रुपये था, जिसकी तुलना में इस फेस्टिव सीजन में औसत डिस्कांउट करीब 18,500 रुपये दिया गया।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *