किसान आंदोलन पर बोलकर अपने ही घर में घिरे पाकिस्‍तान के दो दिग्‍गज

इस्‍लामाबाद। आज सुबह-सुबह पाकिस्तान के जाने-माने अभिनेता हमज़ा अली अब्बासी (Hamza Ali Abbasi) ने ट्वीट कर कहा, ”भारत में प्रदर्शनकारी किसानों के प्रति मेरे मन में अथाह आदर है.”
अब्बासी के ट्वीट पर पाकिस्तान के ही कई लोगों ने आपत्ति जताने में देर नहीं की. तुफ़ैल दवार नाम के एक ट्विटर यूज़र ने लिखा है, ”इस्लामाबाद प्रेस क्लब के सामने उत्तरी वज़ीरिस्तान के लोग निशाना बनाकर की जा रही निर्मम हत्याओं के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं. इनके बारे में क्या कहना है? बलोचों के ग़ायब होने पर कुछ कहना है कि नहीं? हमज़ा! अल्लाह के सामने एक दिन हाज़िर होना है.”
इससे पहले रविवार को पाकिस्तान के विज्ञान और तकनीक मंत्री चौधरी फ़वाद हुसैन ने ट्वीट कर कहा था, ”भारत में जो कुछ भी हो रहा है उससे दुनिया भर के पंजाबी दुखी हैं. महाराजा रणजीत सिंह के निधन के बाद से पंजाबी मुश्किल में हैं. पंजाबियों ने आज़ादी के लिए अपने ख़ून से क़ीमत चुकाई है. पंजाबी अपनी ही नादानी से पीड़ित है.”
चौधरी फ़वाद हुसैन भी अपने ट्वीट से पाकिस्तान में ही घिर गए. पेशावर के अरसलाम अली शाह ने फ़वाद हुसैन के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा है, ”यह व्यक्ति मुसलमानों की हत्या करने वाले रणजीत सिंह की तारीफ़ कर रहा है. ये मुसलमान से ज़्यादा राष्ट्रवादी लग रहे हैं.”
महाराजा रणजीत सिंह की तारीफ़ करने पर कई लोगों ने फ़वाद हुसैन की आलोचना की है.
इधर इमरान ख़ान के मंत्री महाराजा रणजीत सिंह की तारीफ़ कर रहे थे और दूसरी तरफ़ लाहौर क़िले के पास रानी जिंदान की हवेली के बाहर महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति से तोड़-फोड़ कर दी गई.
पाकिस्तान टुडे के अनुसार मूर्ति तोड़ने वाले शख़्स का नाम ज़हीर इशाक़ है. रंजीत सिंह की मूर्ति की बाँह तोड़ने की कोशिश की गई है.
पाकिस्तान टुडे के अनुसार ज़हीर ने कहा है कि वो मौलाना हुसैन रिज़वी का अनुयायी है और वो इस मूर्ति को लगाने के ख़िलाफ़ थे क्योंकि उन्होंने बादशाही मस्जिद को घोड़े के अस्तबल में तब्दील कर दिया था.
फ़वाद हुसैन के ट्वीट पर पाकिस्तान के लोगों ने ही तीखी प्रतिक्रिया दी है.
पाकिस्तान के सुहैल नाम के एक ट्विटर यूज़र ने लिखा है, ”मुझे तो पता ही नहीं था कि यह व्यक्ति पंजाबी राष्ट्रवादी है. ये तो इस क़दर पंजाबी राष्ट्रवादी हैं कि महाराजा रणजीत सिंह तक की तारीफ़ कर रहे हैं.”
भारत में पाकिस्तान के राजदूत रहे अब्दुल बासित ने ट्विटर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वो किसान आंदोलन पर बात कर रहे हैं. अब्दुल बासित ने अपने वीडियो में कहा है कि भारत के किसान लंबे समय से ख़राब स्थिति में हैं और नए क़ानून से हालत और बुरी हो सकती है.
अब्दुल बासित का कहना है, ”भारत की आधी से ज़्यादा आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है. लेकिन उन्हें अपनी लागत भी नहीं मिल पा रही. जहाँ-जहाँ सिख समुदाय के लोग हैं वहां से इस आंदोलन को समर्थन मिल रहा है. किसान आंदोलन से ये बात भी निकल आई कि भारत के अल्पसंख्यक ख़ुश नहीं हैं.”
अब्दुल बासित ये भी दावा कर रहे हैं कि किसान आंदोलन से लोगों ने पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए हैं. बासित कह रहे हैं कि ऐसा होता है तो पाकिस्तानी ख़ुश होते हैं.
-BBC

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