त्रिपुरा: मुख्यमंत्री बिप्लब देब के ‘ज्ञान’ पर फिर उठे सवाल

गुवाहाटी। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने एक बार फिर अपने ‘ज्ञान’ का परिचय दिया है। एक के बाद के अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले बिप्लब ने इस बार रबींद्रनाथ टैगोर को लेकर बयान दिया है, जिस पर उनकी काफी किरकिरी हो रही है।
असम के उदयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान बिप्लब के भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में बिप्लब कह रहे हैं कि टैगोर ने अंग्रेजों के विरोध में अपना नोबेल पुरस्कार वापस कर दिया था। उनके इस बयान के बाद उनकी काफी आलोचना हो रही है।
नोबेल नहीं लौटाया था टैगोर ने
दरअसल, टैगोर ने नोबेल नहीं बल्कि जालियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में नाइटहुड की पदवी लौटाई थी।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले टैगोर का नोबेल चोरी हो जाने के बाद काफी विवाद हुआ था।
बिप्लब के अन्‍य विवादित बयान
बिप्लब त्रिपुरा के सीएम पद का संभालने के बाद कई बार अपने बयानों को लेकर विवादों को न्योता दे चुके हैं। उन्होंने इंटरनेट के महाभारत काल से मौजूद होने का बयान देने के बाद, मिस वर्ल्ड डायना हेडेन, सिविल सेवाओं में सिविल इंजिनियर्स को ही आवेदन देने की सलाह, नौकरी के लिए सरकार के पीछे न भागने, बेरोजगारों को गाय पालने और पान की दुकान खोलने की सलाह देने जैसे बयानों के चलते देब को अक्सर आलोचना झेलनी पड़ती है।
बिप्लब के अजब-गजब बोल:-
1- ‘भारत वह देश है जहां संजय महाभारत में धृतराष्ट्र को बता रहा था कि युद्ध में क्या हो रहा है। इसका मतलब उस समय भी टेक्नॉलजी थी, इंटरनेट था। उस समय भी यह सब इस देश में था।’
2- ‘जिसने भी अंतर्राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, जीतकर लौटा। लगातार पांच सालों तक हमने मिस वर्ल्ड/ मिस यूनिवर्स के ताज जीते। डायना हेडन भी जीत गईं। क्या आपको लगता है कि उन्हें ताज जीतना चाहिए था? सच में भारतीय महिलाओं का प्रतिनिधित्व करती हैं।’
3-‘युवा सरकारी नौकरी के लिए कई वर्षों तक राजनीतिक दलों के पीछे भागते हैं और अपने जीवन के कई अनमोल वर्ष बरबाद कर देते हैं। अगर यही युवा राजनीतिक दलों के पीछे भागने की बजाय पान की दुकान खोल लेते तो अब तक उनके बैंक में 5 लाख रुपये होते।’
4-‘हर घर में एक गाय होनी चाहिए। यहां दूध 50 रुपए लीटर है। कोई ग्रैजुएट है, नौकरी के लिए 10 साल से घूम रहा है। अगर वह गाय पाल लेता तो अपने आप उसके बैंक अकाउंट में 10 लाख रुपए तैयार हो जाते।’
5- ‘मकैनिकल के बजाय सिविल इंजिनियर्स को सिविल सर्विसेज जॉइन करनी चाहिए क्योंकि उनके पास प्रबंधन, निर्माण और समाज से जुड़ी ज्यादा जानकारी और अनुभव होता है।’
-एजेंसी

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