लोकसभा में भी छाया रहा पश्‍चिम बंगाल में सीबीआई से जुड़ा मामला

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में रविवार को सीबीआई अफसरों के कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुंचने का मामला सोमवार को लोकसभा में भी छाया रहा। सीबीआई की कार्यवाही का विरोध करते हुए विपक्ष ने इस पर जमकर हंगामा किया, वहीं केंद्र सरकार की तरफ से गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सफाई दी।
राजनाथ ने कहा कि सीबीआई के अधिकारियों के खिलाफ पहली बार इस तरह की घटना हुई और उनको हिरासत में लिया गया।
सारदा घोटले का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों की गाढ़ी कमाई को हड़प लेने वाली कंपनी के खिलाफ सीबीआई को जांच की इजाजत सुप्रीम कोर्ट से मिली थी और मामले की पूछताछ के लिए ही सीबीआई की टीम रविवार को राजीव कुमार के घर पहुंची थी। सीबीआई को राजीव के घर जाने की जरूरत क्यों पड़ी, इसका जवाब देते हुए राजनाथ ने कहा कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और लगातार समन के बावजूद पूछताछ में हिस्सा लेने नहीं आए थे।
पुलिस कार्यवाही को राजनाथ ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण
राजनाथ ने कहा कि पूछताछ के लिए पहुंची टीम को पुलिस ने रोका और बलपूर्वक हिरासत में ले लिया था। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि ऐसी घटना से देश के संघीय ढांचे को खतरा है। राजनाथ सिंह ने आगे बताया कि उन्होंने मामले पर बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से भी बात की है। और उनसे मामले पर पूरी रिपोर्ट मांगी है।
लगे सीबीआई तोता है के नारे
राजनाथ सिंह के बयान के बीच भी विपक्ष सदन में नारेबाजी करता रहा। उनकी तरफ से सीबीआई तोता है, चौकीदार चोर है के नारे लगाए जाते रहे। इससे पहले कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पुलिस कमिश्नर के घर सीबीआई टीम के पहुंचने की आलोचना की। उन्हों कहा कि सीबीआई को हथियार बनाकर बीजेपी विपक्षी पार्टियों को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि जो भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता है उसको दबाने की कोशिश होती है। खड़गे बोले, ‘कौन सा कानून ऐसा बोलता है कि आप शाम को 7 बजे एक पुलिस अफसर को गिरफ्तार करने के लिए 40 लोग लेकर जाओ।’ उन्होंने कहा कि संस्थाओं का केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे इस्तेमाल के आगे कोई भी पार्टी नहीं झुकेगी।
इसके अलावा समाजवादी पार्टी ने लोकसभा में कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे बाकी राज्यों में भी जो केंद्र के खिलाफ आवाज उठाता है उसके खिलाफ सीबीआई, ईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है। आरजेडी नेता ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया और कहा कि केंद्र जान-बूझकर लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को परेशान करती है। वहीं एनसीपी की तरफ से सुप्रीया सुले ने कहा कि महिला सीएम के खिलाफ ऐसे सीबीआई का इस्तेमाल करना ठीक नहीं है।
लोकसभा में ममता की पार्टी टीएमसी से सांसद सौगत रॉय ने कहा, ‘ममता बनर्जी का सत्याग्रह केंद्र सरकार द्वारा सीबीआई के गलत इस्तेमाल को लेकर है। पीएम मोदी और अमित शाह द्वारा संवैधानिक ढांचे को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिसका हम विरोध करते हैं। पीएम को इसका जवाब देना चाहिए।’
-एजेंसियां

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