आज है महान इंजीनियर डॉ. M. Visvesvaraya का जन्मद‍िन, पीएम मोदी ने दिया संदेश

नई द‍िल्ली। भारत के अलावा श्रीलंका और तंजानिया भी महान इंजीनियर भारत रत्‍न डॉ. M. Visvesvaraya की याद में इस दिन Engineer’s Day मनाते हैं। विश्वेश्वरय्या का जन्‍म 15 सितंबर 1861 को कर्नाटक के मुद्देनहल्‍ली में हुआ था।

सर एमवी के नाम से मशहूर मोक्षगुंडम विश्‍वेश्‍वरय्या का जन्‍म 15 सितंबर 1861 में कर्नाटक के मुद्देनहल्‍ली में हुआ था। इंजीनियर डे पर डॉ. एम विश्‍वेश्‍वरय्या को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, इंजीनियर परिश्रम और दृढ़ संकल्‍प का ही एक रूप होते हैं।

पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ”इंजीनियर परिश्रम और दृढ़ संकल्‍प का ही दूसरा रूप हैं। मानवीय प्रगति उनके अनोखे उत्‍साह के बिना अधूरी है। इंजीनियर्स डे पर देश के सभी परिश्रमी इंजीनयर्स को हार्दिक शुभकामनाएं। डॉ. एम विश्वेश्वरय्या को उनकी जयंती पर हार्दिक श्रद्धांजलि।”

दक्षिण भारत के मैसूर, कर्र्नाटक को एक विकसित एवं समृद्धशाली क्षेत्र बनाने में एमवी का अभूतपूर्व योगदान है। तकरीबन 55 वर्ष पहले जब देश स्वंतत्र नहीं था, तब कृष्णराजसागर बांध, भद्रावती आयरन एंड स्टील व‌र्क्स, मैसूर संदल ऑयल एंड सोप फैक्टरी, मैसूर विश्वविद्यालय, बैंक ऑफ मैसूर समेत अन्य कई महान उपलब्धियां एमवी ने कड़े प्रयास से ही संभव हो पाई। इसीलिए इन्हें कर्नाटक का भगीरथ भी कहते हैं। जब वह केवल 32 वर्ष के थे, उन्होंने सिंधु नदी से सुक्कुर कस्बे को पानी की पूर्ति भेजने का प्लान तैयार किया जो सभी इंजीनियरों को पसंद आया। सरकार ने सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के उपायों को ढूंढने के लिए समिति बनाई। इसके लिए एमवी ने एक नए ब्लॉक सिस्टम को ईजाद किया। उन्होंने स्टील के दरवाजे बनाए जो कि बांध से पानी के बहाव को रोकने में मदद करता था। उनके इस सिस्टम की प्रशंसा ब्रिटिश अधिकारियों ने मुक्तकंठ से की। आज यह प्रणाली पूरे विश्व में प्रयोग में लाई जा रही है। विश्वेश्वरैया ने मूसा व इसा नामक दो नदियों के पानी को बांधने के लिए भी प्लान तैयार किए। इसके बाद उन्हें मैसूर का चीफ इंजीनियर नियुक्त किया गया।

भारत रत्न से किया गया था सम्मानित
डॉ. एम विश्वेश्वरय्या को 1955 में भारत रत्‍न से सम्‍मानित किया गया था। इसके अलावा देश की करीब 8 यूनिवर्सिटी ने उन्‍हें मानद उपाधियों से सम्‍मानित किया। मैसुरु में बना कृष्‍णा राजा सागर डैम उनके नेतृत्‍व में ही तैयार किया गया था। इसके अलावा हैदराबाद शहर के लिए बाढ़ नियंत्रण तंत्र (flood protection system) का निर्माण करने वाली टीम के चीफ इंजीनियर डॉ. एम विश्वेश्वरय्या ही थे।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी डॉ. एम विश्वेश्वरय्या को याद किया। उन्‍होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ”भारत रत्‍न और देश के सबसे प्रतिष्‍ठित इंजीनियर डॉ. एम विश्वेश्वरय्या को उनकी जयंती पर हार्दिक श्रद्धांजलि। उनका महान योगदान हम सबके लिए प्रेरणा है. देश के सभी परिश्रमी इंजीनियरों को इंजीनियर्स डे पर शुभकामनाएं।”
– एजेंसी

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