आज के दिन ही कासगंज में मारा गया था चंदन गुप्ता, परिवार ने दी श्रद्धांजलि

कासगंज। उत्तर प्रदेश का कासगंज जिला, जहां आज से ठीक एक साल पहले यानी 26 जनवरी 2018 को तिरंगा यात्रा के दौरान चंदन गुप्ता नाम के युवक की मौत हो गई थी। उस घटना को एक साल पूरा हो गया है, गणतंत्र दिवस 2019 के मौके पर चंदन के पिता ने बेटे की तस्वीर रखकर परिवार वालों समेत श्रद्धांजलि अर्पित की।
26 जनवरी 2019 पूरे देश में गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। हर सरकारी प्रतिष्ठान में देश का राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहा है, लोग तिरंगे को सलामी दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में भी 50 फुट से ज्यादा ऊंचाई का तिरंगा एक घर में लहराया गया है, एक तस्वीर के सामने पुष्पांजलि अर्पित की गई है।
दरअसल, यह घर है ठीक एक साल पहले यानी 26 जनवरी 2018 को कासगंज में एक झड़प के दौरान जान गंवाने वाले चंदन गुप्ता का। वही चंदन, जिसके पिता ने कहा था कि अगर हिंदुस्तान जिंदाबाद कहना अपराध है, तो हमें भी गोली मार दो। बता दें कि चंदन की हत्या के बाद जिले में हिंसा हुई, उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया था।
कासगंज में एक हॉस्पिटल में बतौर कंपाउंडर काम करने वाले सुशील और संगीता गुप्ता के तीन बच्चे थे, जिनमें विवेक सबसे बड़ा बेटा है, कीर्ति दूसरे नंबर की हैं और चंदन सबसे छोटा बेटा था। कीर्ति ने बताया, ‘भाई चंदन की मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया था। मुझे पैसा नहीं बल्कि न्याय चाहिए था, मैं चेक फाड़ने वाली थी लेकिन तभी किसी ने मेरे हाथ से चेक ले ली थी।’ परिवार वालों का कहना है, ‘मुआवजे का चेक आज भी रखा है, वह वापस ले लें, बस एक चंदन चौक बनवा दें, जिसके लिए हम यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ समेत हर बड़े नेता के सामने गुहार लगा चुके हैं।’
‘आखिरी तक रहेगी चौक बनवाने की मांग’
कीर्ति बताती हैं, ‘भाई को दुनिया से गए हुए एक साल हो गया है। इस दौरान कई बार पापा ने अचानक कहा कि अरे वह सामान चंदन को लाने को बोल देना। वह अभी भी कई बार जब घर आते हैं तो यही सोचते हैं कि चंदन हमारे साथ है।’ चंदन के बड़े भाई विवेक गुप्ता ने बताया, ’25 जनवरी यानी शुक्रवार शाम घर में कुछ पुलिसकर्मी आए थे। वह कह रहे थे कि 26 जनवरी को पुलिस लाइन में होने वाली परेड में शामिल होना है। सुबह 9 बजे तक हमें वहां पहुंच जाना है। हम उनसे यही मांग करेंगे कि बस एक चंदन चौक बनवा दें। हमारी यह मांग आखिरी वक्त तक सरकार और प्रशासन से रहेगी।’
‘तिरंगा यात्रा के लिए सुबह निकला, फिर वापस नहीं लौटा’
चंदन की बहन कीर्ति आज भी उस घटना का जिक्र करते हुए बताती हैं, ‘भाई (चंदन) 25 जनवरी 2018 को एक दोस्त की बाइक लेकर घर आया था। उसमें झंडा वगैरह लगा दिया था। अगले दिन सुबह (26 जनवरी 2018) जल्दी उठकर घर से चला गया था। प्रभु पार्क में झंडारोहण हुआ। इसके बाद वे बाइक से तिरंगा यात्रा के लिए निकले, जिसके बाद चंदन वापस घर नहीं लौटा।’
’23 नवंबर को चंदन का जन्मदिन, मां दिनभर रोती रहीं’
कीर्ति ने कहा, ‘चंदन का 23 नवंबर को जन्मदिन था। मां दिनभर रोती रहीं। वह बहुत अच्छा था। हमेशा लोगों को हंसाने में लगा रहता था।’
‘सुरक्षा का इंतजाम करना प्रशासन की जिम्मेदारी’
हिंसा में जान गंवाने वाले चंदन के भाई विवेक का कहना है, ‘हमने 26 जनवरी में तिरंगा यात्रा के लिए अनुमति मांगी थी लेकिन हमें इजाजत नहीं दी गई। उसका कारण विशाल ठाकुर की पोस्ट को बताया गया, जो उसने रिवॉल्वर के साथ सोशल मीडिया पर डाली थी। सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि वह व्यवस्था करते हुए इजाजत देते तो तारीफ होती।’
सोशल मीडिया के जरिए शांति भंग की कोशिश
गौरतलब है कि कासगंज पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया था। कासगंज सीओ गबेंद्र पाल गौतम ने बताया, ‘विशाल ठाकुर और अनुकल्प चौहान नामक दो युवकों ने सोशल मीडिया के जरिए शांति भंग करने की कोशिश की है। इन दोनों ने फेसबुक पर रिवॉल्वर के साथ फोटो डालते हुए इस साल भी तिरंगा यात्रा निकालने की चेतावनी दी है। विशाल ने लिखा- फिर आ रहा हूं, जय श्री राम। जबकि जिला मैजिस्ट्रेट उनकी लिखित अपील को खारिज कर चुके हैं। सोशल मीडिया पर हथियार की तस्वीर डालना, जाहिर तौर पर उत्तेजित करना तथा पुलिस के नियमों का उल्लंघन है।’
कासगंज के एसएचओ अशोक कुमार ने बताया, ‘विशाल और अनुकल्प के खिलाफ आईपीसी की धारा 151 के तहत केस दर्ज किया गया है। यह दोनों पिछले साल हुई झड़प में भी प्रमुख तौर पर शामिल थे।’
-एजेंसियां

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