NGT का आदेश मानने वाले ही खा रहे दरदर की ठोकरें

अधिकारियों को खुश रखने वाले कारोबारी NGT को खुलेआम दिखा रहे ठैंगा

यमुना प्रदूषण बढ़ाने वाले अवैध कारखानों के संचालन से विद्युत विभाग, प्रदूषण विभाग सहित बड़े अधिकारियों की हो रही है चांदी

मथुरा। सवाल लाख टके का हो चला है, NGT के आदेश और काननू से देश चल रहा है कि अधिकारियों की मंशा से, कान्हा की नगरी में तो अधिकारियों की मंशा ही काननू है, अधिकारियों की इच्छा ही संविधान। अगर विश्वास नहीं है तो NGT के आदेश पर अवादी क्षेत्र से बाहर गये निकिल, ढोल निखार और बाईब्रेटर कारोबारियों से जाकर पूछें। जिन कारोबारियों ने NGT के आदेश और टीटीजेड के नियमों की परवाह की वह आज दरदर की ठोकर खा रहे हैं। वहीं जिन कारोबारियों ने एनजीटी और टीटीजेड को ठैंगा दिखा कर अधिकारियों को खुश रखा वह हर तरीके से लाभ में हैं।
मथुरा में बड़़े़े स्तर पर चांदी, गिलट के निकिल, ढोल निखार और बाइब्रेटर का करोबार है। इन कारखारों की संख्या सैकडों में है। इन कारखानों में खतरनाक रसायनों पोटेशियम सायनाईट, तेजाब व अन्य कैमीकल्स का प्रयोग किया जाता है। एनजीटी ने रिहायशी इलाकों से इन कारखानों को बाहर करने का आदेश दिया था। इसके बाद करीब 40 निकिल, ढोल निखार, बाइब्रेटर संचालकों ने अपने कारखाने इंडस्ट्रीयल ऐरिया में शहर से बाहर स्थानांतरित कर लिये हैं। जबकि 80 प्रतिशत कारखाने शहर में ही संचालित हो रहे हैं। एनजीटी का आदेश मानने वाले कारोबारियों को इसके लिए कर्ज और बैंक से बडा लोन तक लेना पडा है। शहर से बाहर जाने का असर यह हुआ कि इनके पास अब ग्राहक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं, जबकि शहर के अंदर अवैध रूप से चल रहे कारखानों की चांदी हो रही है।

25 बार जिलाधिकारी से मिल कर दे चुके हैं ज्ञापन
मथुरा बाइब्रेटर ढोल निकिल व्यवसायी एसोसिएशन अवैध रूप से चल रहे इन कारखनों को बंद करने के लिए ज्ञापन दे चुके हैं, विद्युत विभाग, जिला प्रदूषण नियंत्र्ाण अधिकारी को भी लगातार लिख रहे हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।

हर बार दिये अवैध कारखानों के नाम पते
जिलाधिकारी को दिये ज्ञापन में एसोसिएशन ने हर बार जिलाधिकारी और दूसरे अधिकारियों को अवैध रूप से चल रहे कारखानांे, उनके संचालकों और संचालन स्थल की पूरी लिस्ट देते रहे हैं लेकिन इनके खिलाफ प्रशासन कार्यवाही नहीं कर रहा है।

विद्युत विभाग, प्रदूषण विभाग, प्रशासनिक अधिकारियों को पहुंच रहा पैसा
मथुरा बाइब्रेटर ढोल निकिल व्यवसायी एसोसिएशन ने जिलाधिकारी के सामने खुल कर विद्युत विभाग और प्रदूषण नियंत्र्ाण विभाग पर आरोप लगाया कि ये विभाग कार्यवाही नहीं करते, इनके अधिकारियों को मोटी रकम हर महीने पहुंच रही है।

डीएम को एसोसिएशन ने फिर सौंपी अवैध कारखानों की लिस्ट
मथुरा बाइब्रेटर ढोल निकिल व्यवसायी एसोसिएशन ने गुरूवार को एक बार फिर उन अवैध रूप से चल रहे कारखानों की लिस्ट सौंपी है जिन पर अधिकारियों की मेहरबानी बनी हुई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश सारस्वत ने कहा कि इन कारखानों पर प्रशासन कार्यवाही करने से हर बार पीछे हट जाता है। हमने कानून का पालन किया इसका खामियाजा हमें ही भुगतना पड रहा है।

प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि अवासीय क्षेत्र में जो ढोल बाइब्रेटर निकिल प्लांट चल रहे हैं। NGT ने और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन हो रहा है। यमुना एक्‍शन प्लान में इन्हें बाहर शिफ्ट करने को कहा गया है। विद्युत विभाग, प्रदूषण विभाग और प्रशासन के अधिकारियों को शामिल किया गया। एक हफ्ते के अंदर ज्वाइंट कार्यवाही होगी।

रिपोर्ट – सुनील शर्मा

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