कल खुल रहे हैं तीन और कंपनियों की IPO, बाजार में हलचल

नई दिल्‍ली। मंगलवार को 3 और कंपनियों के IPO खुल रहे हैं। इनमें UTI AMC, रक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और लिखिता इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड शामिल हैं। इन तीनों कंपनियों के IPO 29 सितंबर मंगलवार को खुलेंगे और गुरुवार यानी 1 अक्टूबर को बंद होंगे। अगर आप हाल में आए IPO में बोली लगाने से चूक गए हैं तो आपके हाथ में एक बार सुनहरा मौका है।
UTI AMC
(यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी) का आईपीओ मंगलवार यानी 29 सितंबर को खुल रहा है। इसमें 1 अक्टूबर तक निवेश किया जा सकता है। निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट और एचडीएफसी एएमसी के बाद यूटीआई एएमसी शेयर बाजारों में लिस्ट होने वाली तीसरी एएमसी होगी। यूटीआई एएमसी के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों पर सूचीबद्ध होंगे। कंपनी ने इश्यू के लिए 552-554 रुपये का प्राइस बैंड रखा है। कंपनी इस इश्यू में 3,89,87,081 शेयर ऑफर फॉर सेल के तहत पेश करने वाली है। इस प्राइस बैंड पर आईपीओ से 2,152-2,160 करोड़ रुपये जुटाए जाने की उम्मीद। इसमें 27 शेयरों का एक लॉट होगा। यूटीआई एएमसी देश की सबसे पुरानी म्यूचुअल फंड कंपनी है।
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स
सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स का आईपीओ भी 29 सितंबर को खुलेगा, जिसमें 1 अक्टूबर तक निवेश किया जा सकता है। कंपनी ने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 135-145 रुपये प्रति शेयर तय किया है। आईपीओ के तहत 3,05,99,017 शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) की जाएगी। मूल्य दायरे के ऊपरी स्तर पर आईपीओ से 444 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है। कंपनी के शेयरों को बीएसई और एनएसई में लिस्ट कराया जाएगा। यस सिक्योरिटीज, एक्सिस कैपिटल, एडलवाइज फाइनेंशियल, आईडीएफसी सिक्योरिटीज और जेएम फाइनेंशियल आईपीओ का प्रबंधन करेंगी।
लिखिता इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड
हैदराबाद की तेल एवं गैस पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी लिखिता इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का IPO भी 29 सितंबर को खुलेगा और 1 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी का लक्ष्य इस आईपीओ के जरिए 61.20 करोड़ रुपये जुटाना है। इस आईपीओ के लिए प्रति शेयर प्राइस बैंड 117 से 120 रुपये तय किया गया है। इस आईपीओ में 51,00,000 तक इक्विटी शेयरों का ताजा इश्यू होगा, जो इश्यू के बाद शेयरहोल्डिंग का 25.86 फीसदी है। आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में करेगी, जिससे तेल व गैस क्षेत्र की बढ़ती मांग का फायदा लिया जा सके।
-एजेंसियां

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