Goa Congress से आए 3 MLA और पू्र्व डिप्टी स्पीकर बने मंत्री

पणजी। आज शनिवार को Goa Congress से आए 3 MLA और पू्र्व डिप्टी स्पीकर गोवा सरकार में  मंत्री बनाए गए। नए मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। सियासी घटनाक्रम के बीच Goa Congress के नेता चंद्रकांत कावलेकर, फिलिप नेरी रोड्रिग्स और जेनिफर मोनसेराट को मंत्री बनाया गया है। ये तीनों हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए 10 विधायकों में शुमार हैं। इसके अलावा विधानसभा उपाध्यक्ष माइकल लोबो को भी मंत्रिपद मिला है।

राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शुक्रवार को गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के तीन विधायकों और निर्दलीय विधायक रोहन खुंटे से कैबिनेट से इस्तीफा देने को कहा थाहै। सावंत ने तीन महीने पहले मुख्यमंत्री पद संभाला था, तबसे उन्होंने यह दूसरी बार मंत्रिमंडल में फेरबदल किया है।

अधिसूचना के अनुसार चार मंत्रियों- उप मुख्यमंत्री विजय सरदेसाई, जल संसाधन मंत्री विनोद पालेकर, ग्रामीण विकास मंत्री जयेश सालगांवकर (सभी जीएफपी विधायक) और राजस्व मंत्री रोहन खुंटे (निर्दलीय) को मंत्रिमंडल से हटा दिया गया।

लोबो ने मंत्रिपद संभालने से पहले कुछ ही देर पहले विधानसभा उपाध्यक्ष के तौर पर इस्तीफा दे दिया था। लोबो ने बताया कि उनके अलावा चंद्रकांत कावलेकर, फिलिप नेरी रॉड्रिग्ज और जेनिफर मोनसेरात को नए मंत्रिमंडल में शामिल किया गया।

जेनिफर मोनसेरात पणजी से विधायक अतानासियो मोनसेरात की पत्नी हैं। इससे पहले इस प्रकार की अटकलें लगाई जा रही थीं कि अतानासियो को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा।

गौरतलब है कि गोवा विधानसभा में चंद्रकांत कावलेकर समेत पार्टी के 10 विधायकों ने बुधवार की रात पाला बदलते हुए भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद गोवा के 40 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस की संख्या केवल पांच रह गई है।

मनोहर पर्रिकर द्वारा स्थापित परंपरा खत्म: विजय सरदेसाई नाराज

वहीं, गोवा के निवर्तमान उप मुख्यमंत्री विजय सरदेसाई ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस के 10 विधायकों को भाजपा में शामिल करना दिवंगत मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर द्वारा स्थापित परंपरा को खत्म करना है।

दरअसल, इस तटीय राज्य के सबसे कद्दावर भगवा नेता रहे पर्रिकर को क्षेत्रीय दलों को एकजुट कर 2017 में सरकार बनाने का श्रेय जाता है।

गोवा में कांग्रेस को बुधवार को उस वक्त जोरदार झटका लगा, जब उसके 15 में से 10 विधायकों ने अपना पाला बदल लिया और भाजपा में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम से 40 सदस्यीय राज्य विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या 27 हो गई है।

-एजेंसी

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