Nepal में कल हुए बम धमाकों में 9 संदिग्‍ध गिरफ्तार

काठमांडू। Nepal में कल रविवार सुबह अलग-अलग तीन जगहों पर हुए बम धमाके में 9 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है. बम धमाके से जुड़ा कोई अहम खुलासा अभी तक नहीं हो सका है.

गौरतलब है कि Nepal में रविवार सुबह अलग-अलग तीन जगहों पर हुए बम धमाके में 4 व्यक्तियों की मौत हो गई और 7 अन्य घायल हो गए. नेपाल के स्थानीय मीडिया के मुताबिक ये बम धमाके सुखेधरा, घट्टेकुलो और नगधुंगा इलाके में हुए. बम धमाके के बाद 9 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है. बम धमाके से जुड़ा कोई अहम खुलासा अभी तक नहीं हो सका है.

धमाकों के बाद से ही पुलिस ने इलाके की घेरा बंदी बढ़ा दी थी और लोगों की आवाजाही रोक दी थी. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है जहां इलाज जारी है.

मिली जानकारी के मुताबिक सुरक्षाबलों की भारी मात्रा में तैनाती की गई है और काठमांडू से सटे हुए इलाकों में हाई अलर्ट है और ज्यादर सुरक्षाबलों की तैनाती इसी इलाके में हुई है.

नेपाली सेना, नेपाल सशस्त्र बल समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की जांच में जुट गए.

विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले के पीछे नेपाल में बैन किए गए एक कम्युनिस्ट उग्रवादियों का हाथ है. लेकिन इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि धमाके की एक जगह पर एक माओवादी समूह से सम्बन्धित पर्चे मिले हैं.

ये वही माओवादी समूह है जिस पर काठमांडू में इस साल फ़रवरी में धमाके करने का शक़ है. इस धमाके में एक शख़्स की मौत हो गई थी.

हालांकि अब तक किसी समूह या शख़्स ने धमाकों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

पुलिस अधिकारी श्याम लाल ने बताया कि धमाके में चार में से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और चौथे ने अस्पताल में दम तोड़ दिया.

17 साल के छात्र गोविंद भंडारी ने समाचार एजेंसी रॉययटर्स को बताया, “मैंने ज़ोर की आवाज़ सुनी और फिर जिधर से आवाज़ आई उधर दौड़ा. मैंने देखा कि धमाके की वजह से घर की दीवारों में दरारें आ गई हैं.”

साल 2006 में नेपाल में एक दशक तक चला गृहयुद्ध ख़त्म हो गया था और उसके बाद देश का माहौल अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहा. इसके अगले ही साल यानी 2007 में पहले विद्रोही रहा समूह सत्ताधारी पार्टी में शामिल हो गया था.

हालांकि विद्रोही समूह के कई सदस्य ये कहकर अलग भी हो गए थे कि उनके नेताओं ने मूलभूत क्रांतिकारी विचारों से धोखा किया है.

-एजेंसियां

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