डराने वाली है तापमान को लेकर मौसम की यह रिपोर्ट

आने वाले समय में गर्मी की प्रकोप बढ़ने वाला है। ये हम नहीं कर रहे हैं बल्कि सरकार ने एक रिपोर्ट तैयार करवाई है, जिसमें तापमान बढ़ने के साथ-साथ समुद्र के जलस्तर में भी बढ़ोत्तरी का अनुमान है।
क्लामेट चेंज असेसमेंट रिपोर्ट में इस सदी के अंत तक चक्रवाती तूफानों की संख्या भी बढ़ने का जिक्र है।
अगर ग्लोबल वार्मिंग कम नहीं होगी तो भारत और उपमहाद्वीप के इलाके का तापमान काफी बढ़ सकता है। यही नहीं, बाढ़ और सूखा के मामलों में भी तेजी आएगी। पिछले 30 सालों में देश में तापमान के मामले में काफी बदलाव आए हैं।
4.4 डिग्री तक बढ़ जाएगा तापमान
‘भारतीय क्षेत्र में पर्यावरण बदलाव’ नामक इस रिपोर्ट में इस सदी के अंत तक 4.4 डिग्री तापमान बढ़ने की बात कही गई है। यही नहीं, लू भी 3-4 गुना ज्यादा चलेगी। चक्रवाती तूफानों की संख्या भी बढ़ेगी और समुद्र का जलस्तर 30 सेंटीमीटर ऊपर उठ सकता है।
1986-2015 तक हो गए ये बदलाव
रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 30 साल (1986-2015) तक गर्म दिन और ठंडी रात में भी तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। गर्म दिन का तापमान 0.63 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है जबकि ठंडी रात के तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी हुई है।
तो सदी के अंत तक रात-दिन का इतना बढ़ेगा तापमान
रिपोर्ट के अनुसार अगर दिन और रात का तापमान ऐसे ही बढ़ता रहा तो सदी के अंत तक दिन के तापमान में 4.7 डिग्री सेल्सियस और रात के तापमान में 5.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी हो सकती है। हालांकि ऐसा तभी होगी जब ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को रोकने और ग्लोबल वार्मिंग रोकने के लिए कुछ नहीं किया जाए।
हर्षवर्धन जारी करेंगे रिपोर्ट
क्लाइमेट चेंज पर यह रिपोर्ट अर्थ एंड साइंस मिनिस्टर हर्षवर्धन कल (मंगलवार) को जारी करेंगे। इस रिपोर्ट में राज्य या शहरों पर आधारित कोई आंकलन नहीं है। विश्लेषण में कई अध्ययनों को आधार बनाया गया है। जैसे कैसे मुंबई और कोलकाता जैसे शहर हाल के दिनों में बाढ़ देखे हैं और यहां पर्यावरण में बदलाव हुए हैं।
भारत में सूखा और बाढ़ बढ़े
पिछले कुछ दशकों में भारत में बाढ़ और सूखा पड़ने के मामले बढ़े हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य भारत में सूखा ज्यादा पड़ने लगे हैं। इसके अलावा पूर्व इलाके पश्चिम बंगाल, पूर्वी यूपी, गुजरात और कोंकण के अलावा की शहरी इलाके जैसे मुंबई, कोलकाता और चेन्नै में बाढ़ ज्यादा आ रहे हैं।
IITM पुणे के वैज्ञानिकों की रिपोर्ट
भारतीय उष्‍णदेशीय मौसम विज्ञान संस्‍थान के वैज्ञानिकों ने इस रिपोर्ट को एडिट किया है। इस रिपोर्ट में भारत और उपहाद्वीप के इलाकों का ही अध्ययन किया गया है। यह क्लामेट चेंज पर संयुक्त राष्ट्र के इंटरगर्वनमेंटल पैनल की रिपोर्ट की तरह नहीं है जिसमें वैश्विक आंकलन किया जाता है।
-एजेंसियां

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